Himachal Snowfall 2026: हिमाचल प्रदेश इन दिनों कुदरत की कड़ी परीक्षा से गुजर रहा है. पहाड़ों पर गिरी ताजा बर्फ ने जहां वादियों की खूबसूरती बढ़ा दी है, वहीं रोजमर्रा की जिंदगी को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. लगातार हो रही भारी बर्फबारी के चलते यातायात से लेकर बिजली आपूर्ति तक सब कुछ चरमरा गया है. पहाड़ों की ओर घूमने पहुंचे सैलानी जाम में फंसे हुए हैं और कई इलाकों में हालात सामान्य होने में अभी वक्त लग सकता है.
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में इस वक्त तीन राष्ट्रीय राजमार्गों समेत कुल 835 सड़कें बंद पड़ी हैं. सबसे अधिक प्रभावित लाहौल-स्पीति जिला है, जहां 282 सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गई हैं. इनमें लेह-मनाली मार्ग (NH-3) और काजा-ग्राम्फू रोड (NH-505) जैसे अहम हाईवे शामिल हैं. भारी बर्फबारी के बाद कई स्थानों पर वाहन घंटों नहीं बल्कि पूरे दिन जाम में खड़े रहे, जिससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है.
शिमला में हालात गंभीर, सड़कों के साथ बिजली व्यवस्था भी प्रभावित
राजधानी शिमला में स्थिति और भी चिंताजनक बनी हुई है. जिले में 234 सड़कें बंद बताई जा रही हैं. मंडी में 110, चंबा में 78, कुल्लू में 65, सिरमौर में 41, किन्नौर में 18, कांगड़ा में 4 और ऊना में 3 सड़कें अवरुद्ध हैं. बर्फबारी का असर सिर्फ आवाजाही तक सीमित नहीं है, बल्कि बिजली आपूर्ति भी बुरी तरह बाधित हुई है. पूरे प्रदेश में करीब 1,942 ट्रांसफार्मर खराब हो चुके हैं, जिससे हजारों घरों में अंधेरा पसरा हुआ है. अकेले शिमला जिले में 789 ट्रांसफार्मर ठप होने की जानकारी है.
बिजली बहाली में जुटा प्रशासन, लेकिन दुश्वारियां कायम
बिजली विभाग की टीमें लगातार फील्ड में उतरकर व्यवस्था बहाल करने की कोशिश कर रही हैं, मगर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमी मोटी बर्फ बड़ी चुनौती बनी हुई है. सिरमौर में 354, मंडी में 284, चंबा में 277, कुल्लू में 174, लाहौल-स्पीति में 27 और सोलन में 23 ट्रांसफार्मर प्रभावित बताए जा रहे हैं. प्रशासन ने बर्फ हटाने के लिए मशीनें तैनात की हैं, लेकिन खराब मौसम के कारण काम की रफ्तार धीमी पड़ गई है.
छुट्टियों की भीड़ ने बढ़ाया दबाव
गणतंत्र दिवस और लंबे वीकेंड के चलते मनाली, शिमला और अन्य पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि कई वाहन बर्फ में दबे हुए हैं और लोगों को पैदल ही आगे बढ़ना पड़ रहा है. जाम की वजह से होटल और सुरक्षित ठिकानों तक पहुंचना भी मुश्किल हो गया है.
मौसम विभाग का अलर्ट, आगे और बिगड़ सकते हैं हालात
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते 28 जनवरी से एक बार फिर भारी बर्फबारी और बारिश हो सकती है. कुल्लू, किन्नौर, चंबा और लाहौल-स्पीति जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. हाल ही में ताबो में न्यूनतम तापमान माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया, जो ठंड की गंभीरता को दर्शाता है.
पर्यटकों से अपील, सतर्कता जरूरी
प्रशासन और मौसम विभाग ने सैलानियों से अपील की है कि बेहद जरूरी न हो तो यात्रा से बचें और पहाड़ी सड़कों पर फिसलन को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरतें. मौसम साफ होने और सड़कों के खुलने में समय लग सकता है, इसलिए यात्रा से पहले ताजा अपडेट लेना बेहद जरूरी है.
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