देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. पूर्व से पश्चिम और उत्तर से मध्य भारत तक कई इलाकों में बाढ़, जलभराव, भूस्खलन और फ्लैश फ्लड जैसी स्थितियां पैदा हो गई हैं. नदियां उफान पर हैं, सड़कें बंद हो रही हैं और लाखों लोगों का जीवन प्रभावित हुआ है. सबसे गंभीर हालात ओडिशा में बने हुए हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं. वहीं उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं.
ओडिशा के कई जिलों में भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने हालात चिंताजनक बना दिए हैं. कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से कट गया है और हजारों परिवार सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने को मजबूर हैं. प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा हुआ है, लेकिन लगातार हो रही बारिश चुनौतियां बढ़ा रही है. उत्तराखंड में बारिश ने सबसे ज्यादा असर पहाड़ी इलाकों में दिखाया है. चमोली जिले में बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन के कारण बंद हो गया है. कई स्थानों पर पहाड़ों से मलबा और चट्टानें गिरने से यातायात प्रभावित हुआ है. पौड़ी गढ़वाल में लैंडस्लाइड की घटनाओं में तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है. राज्यभर में बारिश और भूस्खलन के चलते 124 से अधिक सड़कें बंद हैं. पिथौरागढ़ जिले में सीमा सड़क संगठन (BRO) के कूला गार्ड वैली ब्रिज पर विशाल चट्टान गिरने से पुल काली नदी में समा गया. इसके कारण कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है.
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