विजय रुपाणी ही नहीं, 60 साल पहले गुजरात के दूसरे CM के साथ भी हुआ था ऐसा हादसा, विमान हादसे में हुई थी मौत

गुजरात की राजनीतिक यात्रा में आज एक भयानक दुर्घटना ने फिर से एक दुखद अध्याय जोड़ दिया है. 12 जून 2025 को अहमदाबाद में एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के क्रैश होने से पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की मौत हो गई.

gujarat plane crash vijay rupani balwantrai mehta
Photo: Internet

गुजरात की राजनीतिक यात्रा में आज एक भयानक दुर्घटना ने फिर से एक दुखद अध्याय जोड़ दिया है. 12 जून 2025 को अहमदाबाद में एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के क्रैश होने से पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की मौत हो गई. यह हादसा गुजरात के लिए सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि राजनीतिक इतिहास में दोहरे दुख की बात बन गया. दरअसल, गुजरात के एक और पूर्व मुख्यमंत्री बलवंतराय मेहता की भी हवाई दुर्घटना में मौत हुई थी. ऐसे में दोनों नेताओं की मौत ने राज्य के राजनीतिक इतिहास को एक बार फिर गहरा झटका दिया है.

विजय रूपाणी

विजय रूपाणी भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री थे. उनका जन्म 2 अगस्त 1956 को म्यांमार के रंगून में हुआ था, लेकिन उनका परिवार बाद में राजकोट में बस गया. छात्र जीवन से ही उन्होंने राजनीतिक सफर शुरू किया था. आपातकाल के दौरान जेल में बिताए गए 11 महीने उनके साहस का परिचायक थे. रूपाणी ने 2016 में मुख्यमंत्री पद संभाला और 2021 तक राज्य की बागडोर संभाली. वे अपने सरल स्वभाव और कुशल प्रशासन के लिए जाने जाते थे.

रूपाणी का व्यक्तिगत जीवन भी कई उतार-चढ़ाव से भरा रहा. उनके पुत्र पुजित का आकस्मिक निधन उनके लिए बेहद कठिन था, लेकिन उन्होंने पुजित रूपाणी मेमोरियल ट्रस्ट स्थापित कर सामाजिक सेवा में अपना योगदान जारी रखा. 12 जून को हुए विमान हादसे में वे 242 यात्रियों के साथ सवार थे, जहां उनकी मृत्यु हुई, जो गुजरात के लिए एक अपूरणीय क्षति है.

बलवंतराय मेहता

गुजरात के दूसरे मुख्यमंत्री बलवंतराय मेहता का नाम भारतीय राजनीति में एक गौरवशाली स्थान रखता है. स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और पंचायती राज प्रणाली के संस्थापक के रूप में उनकी छवि अमर है. 1965 में भारत-पाक युद्ध के दौरान पाकिस्तान द्वारा उनके विमान को निशाना बनाकर गिराए जाने पर उनकी मृत्यु हो गई थी. यह घटना न केवल गुजरात बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ी हार थी.

मेहता की विरासत आज भी जीवित है और हर साल 19 सितंबर को पंचायती राज दिवस के रूप में मनाया जाता है. उनकी पुण्यतिथि पर भारत सरकार ने विशेष डाक टिकट जारी कर उन्हें याद किया था.

दो मुख्यमंत्रियों की विमान दुर्घटना में मौत

गुजरात ने अपने राजनीतिक इतिहास में दुर्भाग्यवश दो ऐसे मुख्यमंत्रियों को खोया है, जिनकी मौत विमान हादसों में हुई. यह संयोग नहीं, बल्कि एक गहरा दुख है. बलवंतराय मेहता की मौत युद्धकालीन हमले में हुई, जबकि विजय रूपाणी की मौत शांति काल में हुई इस हादसे में तकनीकी या सुरक्षा कारणों की जांच जारी है.

दोनों नेता जनता के बीच अत्यंत लोकप्रिय थे. मेहता को पंचायती राज का जनक माना जाता है, वहीं रूपाणी अपने प्रशासनिक कौशल और विनम्रता के लिए जाने जाते थे. उनके निधन से गुजरात की राजनीतिक पटल पर एक बड़ा शून्य उत्पन्न हुआ है.

राजनीतिक और प्रशासनिक प्रतिक्रिया

हादसे के बाद देश भर में शोक की लहर दौड़ गई. प्रधानमंत्री, गृह मंत्री समेत तमाम नेताओं ने इस घटना पर गहरा दुख जताया है. गुजरात सरकार ने दो दिन का राजकीय शोक घोषित कर दिया है. साथ ही, दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए विशेष समिति गठित की गई है, जो ब्लैक बॉक्स और अन्य साक्ष्यों का अध्ययन कर रही है. राहत और बचाव कार्य तेज गति से चल रहे हैं और मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता दी जा रही है. यह हादसा गुजरात की राजनीतिक विरासत और सामाजिक भावना के लिए एक भारी क्षति है.

ये भी पढ़ें: कीमत 2.18 हजार करोड़, 1.26 लाख लीटर फ्यूल.. जानें अहमदाबाद में क्रैश हुए बोइंग 787 ड्रीमलाइनर की पूरी स्टोरी