Gujarat Flood: गुजरात में बारिश बनी आफत, 50 से ज्यादा मौतें, 40 हजार लोगों को निकाला गया सुरक्षित

Gujarat Heavy Rain: चार दिन की तबाही ने बदली तस्वीर, 50 से ज्यादा मौतें, हजारों लोगों को सुरक्षित निकाला गया

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Gujarat Heavy Rain: गुजरात में मानसून ने इस बार राहत नहीं, बल्कि भारी तबाही लेकर दस्तक दी है. पिछले चार दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने राज्य के कई हिस्सों को बाढ़ जैसी स्थिति में धकेल दिया है. नदियां उफान पर हैं, सड़कों पर पानी भर चुका है और कई शहरों तथा गांवों का संपर्क टूट गया है. हालात इतने गंभीर हो गए हैं कि हजारों लोगों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा है. प्रशासन, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें दिन-रात राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश राहत कार्यों के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है.

राज्य सरकार के अनुसार, भारी बारिश से अब तक 50 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. वहीं हजारों परिवार बाढ़ और जलभराव की वजह से प्रभावित हुए हैं. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है.

40 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

लगातार बारिश और बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने बड़े स्तर पर राहत अभियान चलाया है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के विभिन्न जिलों से 40 हजार से अधिक लोगों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. इसके अलावा 7 हजार से ज्यादा लोगों को रेस्क्यू ऑपरेशन के जरिए बाढ़ प्रभावित इलाकों से बाहर निकाला गया. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, फायर ब्रिगेड और जिला प्रशासन की संयुक्त टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य कर रही हैं. सुरक्षित शिविरों में लोगों के लिए भोजन, पेयजल और जरूरी चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं.

नवसारी और वलसाड में सबसे ज्यादा तबाही

बारिश का सबसे ज्यादा असर दक्षिण गुजरात के जिलों में देखने को मिला है. नवसारी सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल है, जहां अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं वलसाड में 7 लोगों ने बारिश और उससे जुड़े हादसों में अपनी जान गंवाई है. इसके अलावा राज्य के अन्य जिलों से भी दीवार गिरने, जलभराव, बिजली गिरने और बाढ़ से जुड़े हादसों की खबरें सामने आई हैं. प्रशासन लगातार प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है.

बिजली व्यवस्था और यातायात पर बड़ा असर

लगातार हो रही बारिश ने राज्य के बुनियादी ढांचे को भी गंभीर नुकसान पहुंचाया है. करीब 8 हजार से अधिक बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त होने के कारण कई शहरों और ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है. इसके साथ ही 650 से अधिक सड़कें बंद होने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है. कई गांवों का संपर्क मुख्य सड़कों से टूट गया है, जिससे राहत सामग्री पहुंचाने में भी मुश्किलें आ रही हैं. प्रशासन वैकल्पिक मार्गों से जरूरी सेवाएं प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचाने का प्रयास कर रहा है.

कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात

लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है और कई जगहों पर बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है. खेत, मकान और बाजार जलमग्न हो गए हैं, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ है. कई परिवारों को अस्थायी राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है. राहत एजेंसियां प्रभावित लोगों तक भोजन, पीने का पानी, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने में जुटी हैं. प्रशासन का कहना है कि जब तक मौसम सामान्य नहीं हो जाता, बचाव अभियान पूरी क्षमता के साथ जारी रहेगा.

मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

भारत मौसम विज्ञान विभाग ने गुजरात के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें. प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों, निचले इलाकों के निवासियों और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है. सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत एवं बचाव दल भी तैनात किए जाएंगे.

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