Delhi Air Pollution: दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से चल रहे वायु प्रदूषण के संकट में आखिरकार हल्की गिरावट देखने को मिली है. इसके परिणामस्वरूप, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली एनसीआर में लागू किए गए ग्रैप-4 की पाबंदियों को हटा दिया है. यह फैसला प्रदूषण में सुधार के बाद लिया गया है, हालांकि, ग्रैप के अन्य चरणों की पाबंदियां जारी रहेंगी.
ग्रैप-4 की पाबंदियां हटी
13 दिसंबर को दिल्ली और एनसीआर में लागू की गई ग्रैप-4 की पाबंदियां अब हटा दी गई हैं. इस दौरान वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर स्थिति तक पहुँच चुका था, लेकिन अब हल्का सुधार देखा गया है. इस निर्णय का मुख्य कारण प्रदूषण के स्तर में आई गिरावट है. हालांकि, यह भी स्पष्ट किया गया है कि ग्रैप-1, 2 और 3 की पाबंदियां पूरी तरह से लागू रहेंगी और इनका पालन पहले से ज्यादा सख्ती से किया जाएगा.
क्या कहता है मौसम विभाग?
मौसम विभाग के मुताबिक, 24 दिसंबर को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 271 था, जो 'खराब' श्रेणी में आता है. हालांकि, विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में हवाओं की गति में कमी के कारण प्रदूषण में और सुधार हो सकता है. सीएक्यूएम ने भी इस बात की पुष्टि की है कि पिछले कुछ दिनों से प्रदूषण में आई कमी तेज हवाओं और अनुकूल मौसम की वजह से हुई है.
ग्रैप-1, 2 और 3 की पाबंदियां रहेंगी जारी
सीएक्यूएम के आदेश के अनुसार, अब भी ग्रैप-1, 2 और 3 की पाबंदियों का पालन किया जाएगा. यह पाबंदियां 14 अक्टूबर, 19 अक्टूबर और 13 दिसंबर को लागू की गई थीं. इन पाबंदियों का उद्देश्य वायु गुणवत्ता को नियंत्रित करना और प्रदूषण को रोकना है. उप-समिति की बैठक में यह पाया गया कि प्रदूषण में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन पूरी तरह से राहत नहीं आई है.
कौन सी गतिविधियां अब हो सकेंगी?
ग्रैप-4 की पाबंदियां हटने के बाद कुछ गतिविधियों में राहत दी जा सकती है. इसके तहत, सरकारी और गैर सरकारी कंस्ट्रक्शन गतिविधियों पर से पाबंदी हटा दी जाएगी. इसके अलावा, स्कूलों को हाइब्रिड मोड में चलाने के आदेश भी अब वापस लिए जा सकते हैं. दिल्ली के बॉर्डर्स पर ट्रकों की एंट्री पर लगाए गए प्रतिबंध भी अब हटा दिए जाएंगे, जिससे दिल्ली में ट्रकों का प्रवेश फिर से शुरू हो सकता है. साथ ही, सरकारी और प्राइवेट कंपनियों में कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की जो एडवाइजरी जारी की गई थी, उसमें भी राहत मिल सकती है.
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