Delhi Blast News: लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए दिल्ली ब्लास्ट ने पूरे देश को झकझोर दिया है. इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुरक्षा व्यवस्था और जांच की समीक्षा के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की आपात बैठक बुलाई. इस अहम मीटिंग में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल शामिल रहे.
बैठक में सुरक्षा एजेंसियों की प्रारंभिक रिपोर्ट, जांच की दिशा और संभावित आतंकी नेटवर्क पर चर्चा हुई. प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया कि जांच “तेजी और पेशेवर तरीके” से हो ताकि दोषियों और उनके सहयोगियों को जल्द से जल्द सज़ा मिल सके.
#WATCH | Union Cabinet today passed a resolution condemning the November 10 Delhi terror incident and paid its respects to the victims
— ANI (@ANI) November 12, 2025
"The country has witnessed a heinous terrorist incident perpetrated by anti-national forces through a car explosion near Red Fort on 10th… pic.twitter.com/Rs31CldHzH
अमित शाह से हुई अलग बैठक
CCS बैठक के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री आवास पर पीएम मोदी से करीब आधे घंटे तक अलग बातचीत की. सूत्रों के मुताबिक, इस मीटिंग में दिल्ली ब्लास्ट की जांच में हो रहे शुरुआती खुलासों और राष्ट्रीय राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा हुई.
कैबिनेट ने की निंदा, पारित किया प्रस्ताव
कैबिनेट की बैठक में लाल किला ब्लास्ट की कड़ी निंदा करते हुए प्रस्ताव पारित किया गया. प्रस्ताव में कहा गया, “10 नवंबर को लाल किले के पास हुआ कार विस्फोट राष्ट्रविरोधी ताकतों की ओर से अंजाम दी गई जघन्य आतंकी घटना है. जांच एजेंसियां पूरी तत्परता से दोषियों, उनके सहयोगियों और प्रायोजकों की पहचान कर उन्हें न्याय के कटघरे में लाएं.”
घायलों से मिलने पहुंचे पीएम मोदी
भूटान यात्रा से लौटते ही प्रधानमंत्री मोदी सीधे एलएनजेपी अस्पताल पहुंचे थे. वहां उन्होंने घायलों से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली. लगभग 25 मिनट तक अस्पताल में मौजूद रहने के बाद पीएम ने कहा, “इस साजिश के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें न्याय के कटघरे में लाया जाएगा.”
पीएम ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट करते हुए लिखा, “दिल्ली विस्फोट में घायल लोगों से मिलने अस्पताल गया. सभी के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं. अपराधियों को सख्त सज़ा दी जाएगी.”
सुरक्षा एजेंसियों को सख्त निर्देश
बैठक के बाद यह भी तय हुआ कि दिल्ली और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई जाएगी. एनआईए और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल मिलकर जांच को आगे बढ़ाएंगी. सभी राज्यों की इंटेलिजेंस एजेंसियों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आतंकी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके.
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