FIFA World Cup 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के नॉकआउट चरण में एक और यादगार मुकाबला देखने को मिला. वैंकूवर में खेले गए राउंड ऑफ 16 के अंतिम मैच में स्विट्जरलैंड ने कोलंबिया को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर क्वार्टर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया. इस जीत के साथ स्विस टीम ने 1954 के बाद पहली बार विश्व कप के अंतिम आठ में जगह बनाई और लगभग सात दशक से चला आ रहा इंतजार खत्म कर दिया.
120 मिनट तक दोनों टीमें नहीं कर सकीं गोल
मुकाबले की शुरुआत से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल दिखाया, लेकिन किसी को भी गोल करने में सफलता नहीं मिली. निर्धारित 90 मिनट के दौरान कोलंबिया ने लगातार स्विट्जरलैंड के डिफेंस पर दबाव बनाया, जबकि स्विस टीम ने भी जवाबी हमलों के जरिए मौके बनाए. इसके बावजूद दोनों टीमों के खिलाड़ी विपक्षी गोलकीपर और मजबूत रक्षापंक्ति को भेदने में असफल रहे. नतीजतन मैच अतिरिक्त समय में पहुंचा, जहां भी पूरे 30 मिनट तक गोल का इंतजार खत्म नहीं हुआ.
ग्रेगोर कोबेल बने स्विट्जरलैंड के सबसे बड़े हीरो
स्विट्जरलैंड की इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े नायक गोलकीपर ग्रेगोर कोबेल रहे. पूरे मुकाबले में उन्होंने कई शानदार बचाव किए और कोलंबिया के हमलावरों को लगातार निराश किया. आंकड़ों के मुताबिक कोलंबिया ने मैच के दौरान स्विस गोल पर 15 प्रयास किए, जिनमें तीन शॉट सीधे लक्ष्य पर थे. हालांकि हर बार कोबेल ने बेहतरीन प्रतिक्रिया दिखाते हुए टीम को गोल खाने से बचाया और मुकाबले को बराबरी पर बनाए रखा.
अतिरिक्त समय में भी नहीं टूटा गतिरोध
एक्स्ट्रा टाइम में दोनों टीमों ने जीत हासिल करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी. कोलंबिया ने लगातार आक्रमण किए, जबकि स्विट्जरलैंड ने संयम बनाए रखते हुए जवाबी हमले किए. इसके बावजूद किसी भी टीम को सफलता नहीं मिली और आखिरकार मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट से करना पड़ा.
पेनल्टी शूटआउट में बदल गई पूरी कहानी
शूटआउट की शुरुआत बेहद रोमांचक रही. शुरुआती किक के बाद दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला. कोलंबिया के डेविनसन सांचेज अपनी पेनल्टी को गोल में नहीं बदल सके और उनका शॉट गोलपोस्ट से टकरा गया. दूसरी ओर स्विट्जरलैंड के मैनुएल अकांजी भी एक मौका गंवा बैठे, जिससे मुकाबला बराबरी पर बना रहा. शुरुआती राउंड के बाद दोनों टीमों का स्कोर 2-2 था और तनाव लगातार बढ़ता जा रहा था.
कोबेल की शानदार सेव ने दिलाई ऐतिहासिक जीत
निर्णायक मोड़ तब आया जब कोलंबिया के कूचो हर्नांडेज पेनल्टी लेने पहुंचे. ग्रेगोर कोबेल ने बेहतरीन डाइव लगाते हुए उनके शॉट को रोक दिया और स्विट्जरलैंड को बढ़त दिला दी. इसके बाद स्विस खिलाड़ियों ने अपने अगले दोनों मौके बिना गलती के गोल में बदले और टीम ने शूटआउट 4-3 से अपने नाम कर लिया. अंतिम सीटी बजते ही स्विस खिलाड़ियों और समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई.
1954 के बाद पहली बार अंतिम आठ में पहुंचा स्विट्जरलैंड
यह जीत स्विट्जरलैंड के फुटबॉल इतिहास में बेहद खास मानी जा रही है. टीम ने 72 वर्षों बाद विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर नया अध्याय लिखा है. लंबे समय से बड़े मंच पर मिली असफलताओं के बाद यह सफलता स्विस फुटबॉल के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है. अब क्वार्टर फाइनल में स्विट्जरलैंड की चुनौती और कठिन होगी, लेकिन जिस आत्मविश्वास और अनुशासन के साथ टीम ने कोलंबिया जैसी मजबूत प्रतिद्वंद्वी को हराया है, उससे उसके हौसले निश्चित रूप से बुलंद होंगे.
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