आग लगने के बाद बाहर नहीं निकल पाए लोग, नियमों का नहीं किया गया पालन...जानें जांच में क्या-क्या निकला?

Goa nightclub fire: गोवा के उत्तर जिले का अर्पोरा इलाका उस रात चीखों से गूंज उठा, जब एक लोकप्रिय नाइट क्लब में अचानक लगी आग ने कुछ ही मिनटों में माहौल को तबाही में बदल दिया. पार्टी की रौनक देखते ही देखते डर, अफरातफरी और धुएं में बदल गई.

Goa nightclub fire safety lapse exposed
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Goa nightclub fire: गोवा के उत्तर जिले का अर्पोरा इलाका उस रात चीखों से गूंज उठा, जब एक लोकप्रिय नाइट क्लब में अचानक लगी आग ने कुछ ही मिनटों में माहौल को तबाही में बदल दिया. पार्टी की रौनक देखते ही देखते डर, अफरातफरी और धुएं में बदल गई. आग इतनी भयानक थी कि कई लोग बाहर निकल भी नहीं पाए. हादसे में मरने वालों की संख्या 25 तक पहुंच चुकी है, जिनमें विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं. कई शवों की पहचान अभी नहीं हो पाई है, जिससे परिवारों की चिंता और बढ़ गई है.


शुरुआती जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने इस हादसे को मानव लापरवाही का परिणाम साबित कर दिया है. पुलिस के अनुसार, क्लब में एंट्री और एग्ज़िट का रास्ता एक ही था, जिससे आग फैलते ही लोग फंस गए और बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला. बताया जा रहा है कि फायर सेफ्टी के अनिवार्य नियमों का पालन नहीं किया गया था, जिससे जान का नुकसान और बढ़ गया. गोवा पुलिस अब क्लब प्रबंधन के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज करने की तैयारी कर रही है. क्लब को सील कर दिया गया है और मैनेजमेंट से पूछताछ जारी है.

25 लोगों की मौत, विदेशी पर्यटक भी शामिल

Birch by Romeo Lane नाम के इस नाइट क्लब में हुई त्रासदी में 25 लोगों की मौत की आधिकारिक पुष्टि हो चुकी है. मृतकों में 4 विदेशी पर्यटक और 14 क्लब स्टाफ शामिल हैं. बाकी शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है. कई लोग एक साथ धुएं में फंस गए, जिससे अधिकांश की मौत दम घुटने से हुई है. केवल कुछ ही लोगों की मौत आग की लपटों में जलने से हुई. 7 लोग घायल हैं, जिनमें एक की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है, जिसका शरीर 60 प्रतिशत से ज्यादा झुलस चुका है.

आग का कारण अभी भी रहस्य, कई तकनीकी खामियां उजागर

जांच एजेंसियों को अभी आग लगने का निश्चित कारण नहीं पता, लेकिन शुरुआती संकेत किचन एरिया या इलेक्ट्रिकल सेक्शन की ओर इशारा करते हैं. क्लब में इमरजेंसी निकास, धुएं की निकासी (वेंटिलेशन) और फायर अलार्म सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहे थे. यह सभी खामियां साफ बताती हैं कि क्लब प्रबंधन ने नियमों को हल्के में लिया और इसकी कीमत लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी.

मुख्यमंत्री का सख्त रुख, मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत घटना स्थल पर पहुंचे और हादसे पर गहरा दुख जताया. उन्होंने कहा कि गोवा के पर्यटन इतिहास में यह अब तक की सबसे बड़ी आग दुर्घटना है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि यदि क्लब ने बिना अनुमति काम किया है या फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी की है, तो दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा. सरकार ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दे दिए हैं. क्लब मैनेजर सहित कई लोग गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि मालिकों के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी कर दिया गया है.

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