भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने हाल ही में उन चर्चाओं पर प्रतिक्रिया दी है, जिनमें उनके और टीम के वरिष्ठ खिलाड़ियों के बीच मतभेद होने की बात कही जा रही थी. गंभीर ने स्वीकार किया कि पिछले कुछ समय में उनसे भी गलतियां हुई होंगी, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी इंसान को गलती करने का मौका मिलना चाहिए.
पिछले कुछ महीनों में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि टीम के अनुभवी खिलाड़ी विराट कोहली और रोहित शर्मा के साथ उनके रिश्तों को लेकर कुछ मतभेद हो सकते हैं. हालांकि गंभीर ने अपने ताजा बयान में कहा कि उनके लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण ईमानदारी और सही इरादा है.
बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के बाद बढ़ी थीं अटकलें
जब गौतम गंभीर ने भारतीय टीम के मुख्य कोच का पद संभाला, उसी दौरान टीम के दो बड़े खिलाड़ी विराट कोहली और रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया था.
इसके बाद बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा. टीम के प्रदर्शन को लेकर कई सवाल उठे और इसी दौरान कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि सीनियर खिलाड़ियों और हेड कोच के बीच कुछ बातों को लेकर मनमुटाव हो सकता है.
इन खबरों के बाद ड्रेसिंग रूम के माहौल को लेकर भी कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं.
कॉन्क्लेव में पूछा गया सीधा सवाल
हाल ही में आयोजित रेवस्पोर्ट्ज कॉन्क्लेव में गौतम गंभीर से इस मुद्दे पर सवाल किया गया. उनसे पूछा गया कि उन्होंने पहले सोशल मीडिया पर कहा था कि कुछ लोग खिलाड़ियों को उनके खिलाफ भड़काने की कोशिश कर रहे हैं.
सवाल में यह भी कहा गया कि जब इस तरह की बातें सामने आती हैं कि आप टीम के किसी बड़े खिलाड़ी जैसे विराट कोहली या रोहित शर्मा के खिलाफ हैं, तो इससे दबाव बनता होगा. उनसे पूछा गया कि वह इस तरह की टिप्पणियों और चर्चाओं से कैसे निपटते हैं.
'मुझसे भी कई गलतियां हुई होंगी'
इस सवाल का जवाब देते हुए गौतम गंभीर ने कहा कि वह भी इंसान हैं और उनसे भी गलतियां हो सकती हैं.
उन्होंने कहा, "मैं भी इंसान हूं और मुझे भी गलती करने की छूट मिलनी चाहिए. खिलाड़ियों को भी और मुझे भी गलतियां करने की आजादी होनी चाहिए. पिछले करीब 18 महीनों में मुझसे भी कई गलतियां हुई होंगी. मैंने कभी यह नहीं कहा कि मुझसे गलतियां नहीं हुईं."
गंभीर ने आगे कहा कि किसी भी फैसले में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण उसका इरादा होता है. अगर किसी निर्णय के पीछे सही इरादा है, तो गलती होने पर भी उसे स्वीकार किया जा सकता है, लेकिन गलत इरादे से लिया गया फैसला कभी सही नहीं माना जा सकता.
सही इरादे को बताया सबसे अहम
हेड कोच गौतम गंभीर का कहना है कि क्रिकेट जैसे खेल में कई बार फैसले गलत भी साबित हो सकते हैं, लेकिन अगर उनका उद्देश्य टीम के हित में हो तो उन्हें समझा जा सकता है.
उन्होंने कहा कि हर खिलाड़ी और कोच को अपनी गलतियों से सीखने का मौका मिलना चाहिए. यही प्रक्रिया किसी भी टीम को बेहतर बनाने में मदद करती है.
ड्रेसिंग रूम में ईमानदारी सबसे जरूरी
गंभीर ने यह भी स्पष्ट किया कि उनके लिए टीम के ड्रेसिंग रूम में ईमानदारी सबसे ज्यादा मायने रखती है.
उन्होंने कहा कि जब तक वह टीम के हर सदस्य के साथ ईमानदारी से पेश आ रहे हैं, तब तक उन्हें लगता है कि वह अपनी जिम्मेदारी पूरी ईमानदारी से निभा रहे हैं.
गंभीर के अनुसार, टीम में सिर्फ बड़े खिलाड़ी ही नहीं बल्कि हर सदस्य महत्वपूर्ण होता है.
'हर सदस्य के साथ ईमानदारी जरूरी'
गौतम गंभीर ने कहा कि ड्रेसिंग रूम में मालिश करने वाले स्टाफ से लेकर सहायक कोच तक सभी के साथ सम्मान और ईमानदारी से व्यवहार करना जरूरी होता है.
उन्होंने कहा, "जब तक मैं ड्रेसिंग रूम में हर खिलाड़ी के साथ ईमानदारी से पेश आ रहा हूं, चाहे वह बड़ा खिलाड़ी हो या सपोर्ट स्टाफ का सदस्य, तब तक मुझे लगता है कि मैं अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से निभा रहा हूं."
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