गौतम गंभीर को क्यों अलग से चाहिए कोच? ऑस्ट्रेलिया रवाना होने से पहले दिया बड़ा बयान

टीम इंडिया के नए हेड कोच गौतम गंभीर एक बार फिर अपने बेबाक और मजाकिया जवाबों को लेकर चर्चा में हैं. ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम रवाना होने से ठीक पहले गंभीर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई मुद्दों पर खुलकर बात की, जिनमें से एक सवाल था – क्या युवा कप्तान शुभमन गिल को मेंटल कंडीशनिंग कोच की जरूरत है?

Gautam Gambhir Needs Mental Coach remarks before leaving australia tour
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टीम इंडिया के नए हेड कोच गौतम गंभीर एक बार फिर अपने बेबाक और मजाकिया जवाबों को लेकर चर्चा में हैं. ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम रवाना होने से ठीक पहले गंभीर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई मुद्दों पर खुलकर बात की, जिनमें से एक सवाल था – क्या युवा कप्तान शुभमन गिल को मेंटल कंडीशनिंग कोच की जरूरत है?

इस सवाल पर गंभीर का जवाब था ऐसा, जिसने सभी को चौंका भी दिया और हंसा भी.

मुझे ज्यादा जरूरत है मेंटल कोच की

गंभीर ने सवाल सुनते ही मुस्कराते हुए कहा कि सबसे पहले तो मुझे ही मेंटल कोच की सबसे ज़्यादा ज़रूरत है. उनका यह जवाब सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है और फैंस इसे गंभीर की विनम्रता और उनके सेंस ऑफ ह्यूमर से जोड़कर देख रहे हैं.

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू हो रही ODI सीरीज़

गौरतलब है कि टीम इंडिया 19 अक्टूबर से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला खेलने वाली है. इसके लिए भारतीय टीम 15 अक्टूबर को दिल्ली से रवाना हो चुकी है. इससे पहले शुभमन गिल की अगुवाई में भारत ने वेस्टइंडीज को टेस्ट सीरीज़ में 2-0 से मात दी थी.

रोहित और कोहली के वनडे भविष्य पर बड़ा बयान

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब कोच गंभीर से रोहित शर्मा और विराट कोहली के वनडे करियर को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बिना घुमा-फिराए जवाब दिया "वनडे वर्ल्ड कप अभी ढाई साल दूर है, इसलिए हमें फिलहाल वर्तमान पर ध्यान देना चाहिए. वे दोनों शानदार खिलाड़ी हैं, और हमें उम्मीद है कि उनका यह दौरा सफल रहेगा." गंभीर के इस बयान को कई लोग इशारे के तौर पर देख रहे हैं. कुछ फैंस का मानना है कि अगर इस सीरीज़ में रोहित और कोहली उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं करते, तो टीम मैनेजमेंट कुछ कड़े फैसले ले सकता है.

WTC फाइनल पर क्या बोले गंभीर?

शुभमन गिल की कप्तानी की तारीफ करते हुए गंभीर ने कहा कि गिल ने इंग्लैंड में एक कप्तान के तौर पर कड़ी परीक्षा पास की है. अब WTC फाइनल अभी काफी दूर है, इसलिए हमें मौजूदा प्रदर्शन पर ध्यान देना चाहिए."

कोचिंग को लेकर भी रखी स्पष्ट राय

पहली बार बतौर हेड कोच किसी टेस्ट सीरीज़ में जीत मिलने के बाद गौतम गंभीर ने अपनी कोचिंग पर कहा कि कोचिंग का मतलब तभी है जब टीम अच्छा खेले. कोच की सफलता खिलाड़ियों के प्रदर्शन से जुड़ी होती है, न कि उसके नाम से.

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