जब हमने शुभमन को कप्तानी सौंपी..., गिल का आलोचना करने वालों को गंभीर ने दिया करारा जवाब; कप्टैन बनाने का भी बताया कारण

Gambhir on Gill Captaincy: भारतीय क्रिकेट टीम के नए मुख्य कोच गौतम गंभीर ने हाल ही में टेस्ट और वनडे टीम की कमान संभाल रहे युवा कप्तान शुभमन गिल को खुलकर समर्थन दिया है. उन्होंने उन आलोचकों को करारा जवाब दिया है जो गिल की कप्तानी और प्रदर्शन पर सवाल उठा रहे थे.

Gambhir gave a befitting reply to Gill's critics also explained the reason for making him captain
Image Source: Social Media/ X/ File

Gambhir on Gill Captaincy: भारतीय क्रिकेट टीम के नए मुख्य कोच गौतम गंभीर ने हाल ही में टेस्ट और वनडे टीम की कमान संभाल रहे युवा कप्तान शुभमन गिल को खुलकर समर्थन दिया है. उन्होंने उन आलोचकों को करारा जवाब दिया है जो गिल की कप्तानी और प्रदर्शन पर सवाल उठा रहे थे. गंभीर ने कहा है कि जब तक गिल टीम की जिम्मेदारियों को सही तरीके से निभा रहे हैं, वे हर हाल में उनके साथ खड़े रहेंगे.

गौतम गंभीर ने बताया कि शुभमन गिल को इंग्लैंड दौरे से पहले टेस्ट टीम की कमान सौंपी गई थी. उस समय टीम दबाव में थी, क्योंकि भारत को ऑस्ट्रेलिया में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में हार मिली थी और न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू श्रृंखला में टीम 0-3 से हार गई थी. उस समय रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे सीनियर खिलाड़ी टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर चुके थे. ऐसे कठिन समय में एक 25 वर्षीय युवा खिलाड़ी को टीम की जिम्मेदारी देना एक बड़ा जोखिम था.

जब हमने शुभमन को कप्तानी सौंपी...

गंभीर ने कहा, "जब हमने शुभमन को कप्तानी सौंपी थी, तो मैंने साफ-साफ कहा था, हमने तुम्हें गहरे पानी में फेंक दिया है, अब या तो तुम डूबोगे या फिर एक विश्वस्तरीय तैराक बनोगे."

गंभीर ने बताया कि शुभमन ने उस मुश्किल स्थिति में न सिर्फ खुद को संभाला, बल्कि पूरी टीम को लीड किया. इंग्लैंड जैसी मजबूत बैटिंग यूनिट के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में भारत ने 2-2 की बराबरी की. इस दौरान शुभमन गिल ने बतौर बल्लेबाज भी 750 रन बनाए, लेकिन गंभीर के अनुसार, उनके लिए रन से ज्यादा महत्वपूर्ण यह था कि गिल ने दबाव को किस तरह हैंडल किया.

“750 रन से ज्यादा अहम है कप्तानी का तरीका”

गंभीर ने कहा कि गिल के बनाए 750 रन भले ही काबिल-ए-तारीफ हों, लेकिन असली बात यह है कि उन्होंने कप्तानी कैसे की. उन्होंने कहा, "मुझे याद है कि ओवल टेस्ट के बाद मैंने शुभमन से कहा था कि तुमने अपने करियर की सबसे कठिन परीक्षा पास कर ली है. अब चीजें आसान होंगी."

गंभीर ने इस बात पर जोर दिया कि टीम का युवा कप्तान उन मुश्किल हालातों में भी आत्मविश्वास और संयम के साथ खड़ा रहा, जब सीनियर खिलाड़ी टीम में नहीं थे और मीडिया व पब्लिक का दबाव चरम पर था.

शुभमन को सौंपा गया वनडे टीम का नेतृत्व

शुभमन गिल को हाल ही में भारतीय वनडे टीम की भी कप्तानी सौंप दी गई है. अक्टूबर 2025 में वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में कप्तानी की शुरुआत करेंगे. बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) की योजना है कि शुभमन को 2027 के वनडे विश्व कप (जो दक्षिण अफ्रीका में होगा) तक कप्तान के रूप में तैयार किया जाए.

यह भी महत्वपूर्ण है कि गिल को कप्तानी ऐसे समय में सौंपी गई है जब भारतीय टीम एक संक्रमण काल से गुजर रही है. कई दिग्गज खिलाड़ी या तो रिटायर हो चुके हैं या करियर के आखिरी चरण में हैं.

आलोचना के बावजूद कप्तानी में दिखाई मजबूती

गंभीर ने कहा कि शुभमन गिल को उनकी उम्र और अनुभव को लेकर आलोचना का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने इसका सामना संयम से किया. गंभीर बोले, "कई बार लोग किसी खिलाड़ी की क्षमता को उसके आंकड़ों से आंकते हैं. लेकिन आप एक 24-25 साल के खिलाड़ी से हर सीरीज में 50 का औसत या लगातार रन बनाने की उम्मीद नहीं कर सकते. यह अनुभव के साथ आता है." उन्होंने आगे कहा कि मीडिया और पब्लिक की उम्मीदें अक्सर बहुत जल्दी होती हैं, लेकिन गिल जैसे खिलाड़ी को वक्त देना जरूरी है क्योंकि उनमें नेतृत्व की क्षमता है.

"जब बुरा समय आएगा, तब असली परीक्षा होगी"

गंभीर ने कहा कि अब तक गिल ने जिस तरह दबाव में काम किया है, वह सराहनीय है, लेकिन उनकी असली परीक्षा तब होगी जब परिणाम उनके पक्ष में नहीं होंगे. उन्होंने कहा, "मैं देखना चाहता हूं कि जब समय कठिन होगा तो वह कैसे प्रतिक्रिया देंगे. लेकिन एक बात मैं साफ कर देता हूं, मैं उन्हें पूरी तरह सपोर्ट करता हूं. अगर उन पर आलोचना होती है तो मैं भी उसे सहने को तैयार हूं. जब तक वह अपनी जिम्मेदारी निभाते रहेंगे, मैं उनके साथ खड़ा रहूंगा."

यह भी पढ़ें- Apple दे रहा 2 से 5 मिलियन डॉलर तक का इनाम, बस करना होगा ये काम; जानें कैसे करें आवेदन