Apple दे रहा 2 से 5 मिलियन डॉलर तक का इनाम, बस करना होगा ये काम; जानें कैसे करें आवेदन

Apple Security Bounty Program: टेक्नोलॉजी की दुनिया की दिग्गज कंपनी Apple Inc. ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने सिक्योरिटी बाउंटी प्रोग्राम में बड़े बदलावों की घोषणा की है.

Apple is offering a reward of $2 to $5 million just do this learn how to apply
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Apple Security Bounty Program: टेक्नोलॉजी की दुनिया की दिग्गज कंपनी Apple Inc. ने साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए अपने सिक्योरिटी बाउंटी प्रोग्राम में बड़े बदलावों की घोषणा की है. इस पहल के तहत अब रिसर्चर्स, एथिकल हैकर्स और सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स को ऐप्पल के सिस्टम में सुरक्षा खामियों की खोज पर पहले से दोगुना इनाम मिलेगा. कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि विशेष मामलों में यह इनाम 5 मिलियन डॉलर (लगभग ₹44 करोड़) तक जा सकता है.

सिक्योरिटी बाउंटी प्रोग्राम एक ऐसा पहल है, जिसके तहत टेक कंपनियां अपने सॉफ़्टवेयर, हार्डवेयर या सर्विस में किसी भी प्रकार की सुरक्षा कमजोरी खोजने वाले को इनाम देती हैं. इसका उद्देश्य यह होता है कि संभावित खतरे को साइबर अपराधी इस्तेमाल करने से पहले ही खोज लिया जाए और उसे ठीक किया जा सके. ऐप्पल का यह प्रोग्राम वर्षों से चला आ रहा है, लेकिन अब कंपनी ने इसमें बड़ा बदलाव करते हुए इसे दुनिया का सबसे आकर्षक सिक्योरिटी इनाम प्रोग्राम बना दिया है.

इनाम की रकम दोगुनी की गई

अब तक ऐप्पल किसी बड़ी सुरक्षा खामी खोजने पर अधिकतम 1 मिलियन डॉलर (लगभग ₹9 करोड़) तक का इनाम देती थी. लेकिन नए बदलाव के तहत यह इनाम दोगुना बढ़ाकर 2 मिलियन डॉलर (लगभग ₹18 करोड़) कर दिया गया है.

इतना ही नहीं, अगर कोई रिसर्चर ऐप्पल के बेहद सुरक्षित माने जाने वाले Lockdown Mode में कोई गंभीर सुरक्षा चूक पकड़ता है, तो उसे 5 मिलियन डॉलर (₹44 करोड़) तक का इनाम दिया जाएगा.

लॉकडाउन मोड क्या है?

Lockdown Mode ऐप्पल का एक हाई-सिक्योरिटी फीचर है जिसे खासकर उन यूज़र्स के लिए डिजाइन किया गया है जो स्पाइवेयर, स्टेट-स्पॉन्सर्ड अटैक्स या अन्य साइबर खतरों के टारगेट बन सकते हैं. इसमें कई तरह की सीमाएँ होती हैं जिससे डिवाइस की सुरक्षा और कड़ी हो जाती है.

इस मोड में कोई गंभीर खामी पकड़ना बहुत मुश्किल माना जाता है. ऐसे में अगर कोई रिसर्चर इसमें कोई दोष खोजता है, तो वो वास्तव में एक बड़ी उपलब्धि होगी, और इसलिए इसका इनाम भी सबसे अधिक रखा गया है.

कौन ले सकता है भाग?

इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कोई भी व्यक्ति, रिसर्चर या सिक्योरिटी एक्सपर्ट शामिल हो सकता है, जिसे किसी भी प्लेटफॉर्म पर साइबर सिक्योरिटी का अनुभव है. प्रतिभागियों को अपने शोध और रिपोर्ट को ऐप्पल को 31 अक्टूबर 2025 तक जमा करना होगा. इस प्रोग्राम में हाल ही में लॉन्च किए गए iPhone 17 सीरीज सहित सभी मौजूदा और अपडेटेड ऐप्पल डिवाइसेज़ और सेवाओं को शामिल किया गया है.

Apple को इससे क्या लाभ मिलेगा?

Apple हमेशा से अपने iPhones और अन्य डिवाइसेस को दुनिया के सबसे सुरक्षित उत्पादों में से एक कहकर प्रचारित करता है. नए इनाम कार्यक्रम के ज़रिए कंपनी अपनी सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत कर सकेगी. दुनिया भर के रिसर्चर्स को आकर्षित कर पाएगी. तेजी से बग्स और कमजोरियों को खोजकर उन्हें फिक्स करने में सक्षम होगी. अपने 2.3 बिलियन डिवाइसेस को क्रिटिकल अटैक्स से बचाने की दिशा में बड़ा कदम उठा सकेगी. इसके अतिरिक्त, यह कदम साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहित करेगा और रिसर्चर्स को तकनीकी दुनिया में अहम योगदान देने का मौका देगा.

क्यों है यह प्रोग्राम खास?

  • दुनिया का सबसे बड़ा बग बाउंटी इनाम (5 मिलियन डॉलर तक).
  • ऐप्पल जैसे हाई-प्रोफाइल ब्रांड के प्लेटफॉर्म पर काम करने का मौका.
  • आम रिसर्चर्स और फ्रीलांस एथिकल हैकर्स के लिए करोड़पति बनने का अवसर.
  • साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा.

कैसे करें आवेदन?

  • इच्छुक प्रतिभागियों को Apple की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने सुरक्षा शोध प्रस्तुत करने होंगे.
  • शोध को टेक्निकल रूप से स्पष्ट और साबित करने योग्य होना चाहिए.
  • रिपोर्ट 31 अक्टूबर 2025 तक जमा की जानी चाहिए.
  • कंपनी जांच के बाद इनाम तय करेगी.

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