खाड़ी के 2 सबसे ताकतवर मुस्लिम देशों के बीच बढ़ा तनाव, कैसे दुश्मनी में बदली सऊदी अरब और UAE की दोस्ती?

खाड़ी क्षेत्र के दो प्रमुख मुस्लिम राष्ट्र- सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच रिश्तों में गहरा तनाव उभरता दिखाई दे रहा है.

Friendship between Saudi Arabia and UAE turns into enmity
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रियाद/अबू धाबी: खाड़ी क्षेत्र के दो प्रमुख मुस्लिम राष्ट्र- सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच रिश्तों में गहरा तनाव उभरता दिखाई दे रहा है. हालिया घटनाओं ने संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच अब पहले जैसी निकटता नहीं रही. सबसे बड़ा कारण सूडान में चल रहा संघर्ष है, जिसमें सऊदी और UAE दो अलग-अलग गुटों का समर्थन करते हुए दिखाई दे रहे हैं.

सूत्रों के मुताबिक, पिछले महीने अमेरिका यात्रा पर गए सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) ने अमेरिका के वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात के दौरान UAE के खिलाफ गंभीर शिकायतें दर्ज कराईं. बताया जाता है कि MBS ने ट्रंप से कहा कि UAE, सूडान में पैरामिलिट्री समूहों को हथियार उपलब्ध करा रहा है, जिसके चलते हजारों लोग मारे जा रहे हैं और मानवीय संकट गहरा रहा है.

सूडान संघर्ष: जहाँ से बढ़ी दरार

2023 में सूडान में युद्ध छिड़ने के बाद दोनों देशों की रणनीति एक-दूसरे के विपरीत दिशा में चली गई. सऊदी अरब ने शुरुआत में सूडानी सरकारी सेना का समर्थन किया और बाद में मध्यस्थ की भूमिका में आ गया.

UAE पर आरोप है कि वह रैपिड सपोर्ट फोर्सेज (RSF) को सैनिक संसाधन और हथियार भेज रहा है, हालांकि अमीरात इन आरोपों से साफ इनकार करता है.

अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ बताते हैं कि यह संघर्ष पहले से मौजूद मतभेदों को सतह पर ले आया है और दोनों देशों की शक्ति-संतुलन की कोशिशें अब एक-दूसरे से टकरा रही हैं.

दोस्ती की कहानी: जहां शुरू हुआ रिश्ता

कुछ साल पहले तक MBS और UAE राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद (MBZ) को पश्चिम एशिया की राजनीति का सबसे शक्तिशाली गठजोड़ माना जाता था.

  • 2015 में जब MBS युवा उम्र में सऊदी रक्षा मंत्री बने,
  • तब MBZ पहले ही क्षेत्रीय रणनीति और सैन्य राजनीति में एक बड़ा नाम थे.

दोनों ने मिलकर यमन, ईरान और क्षेत्रीय सुरक्षा पर कई पहलें शुरू कीं, लेकिन समय के साथ चीजें बदलने लगीं.

यमन युद्ध: सहयोग से विवाद तक

यमन युद्ध दोनों देशों की दोस्ती की पहली बड़ी कसौटी साबित हुआ.

सऊदी की नीति

यमन में एकीकृत सरकार और स्थिरता लाना.

UAE की रणनीति

दक्षिणी अलगाववादी गुट साउदर्न ट्रांजिशनल काउंसिल (STC) को समर्थन देना- जो सऊदी के लक्ष्यों से बिल्कुल अलग था.

यह मतभेद जितना दिखा, उतना ही गहरा भी था, और इसके बाद पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या ने वैश्विक मंच पर दोनों देशों को एक कठिन मोड़ पर ला दिया.

OPEC को लेकर बड़ा टकराव

  • 2021 में पेट्रोलियम संगठन OPEC में दोनों देशों की नीतियाँ सीधे-सीधे भिड़ गईं.
  • सऊदी अरब बाजार स्थिर रखने के लिए तेल उत्पादन कम करने की मांग कर रहा था.
  • UAE अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाना चाहता था और ज्यादा तेल निकालने की अनुमति मांग रहा था.

बातचीत से यह विवाद शांत तो हो गया, लेकिन रिश्तों में आई रुकावट यहीं से साफ दिखने लगी. आज दोनों देशों के बीच असली मुकाबला आर्थिक और क्षेत्रीय प्रभाव का है.

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