न्यूयॉर्क पुलिस ने रोक दी फ्रांस के राष्ट्रपति की कार, मैक्रों ने सीधे ट्रंप को किया फोन, देखें Video

भारी सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नेताओं की आवाजाही के बीच, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की आधिकारिक कार को न्यूयॉर्क पुलिस ने कुछ समय के लिए रोक दिया.

French President car stopped by New York police
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न्यूयॉर्क: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र के दौरान अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में एक दिलचस्प और अप्रत्याशित घटना सामने आई. भारी सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय नेताओं की आवाजाही के बीच, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की आधिकारिक कार को न्यूयॉर्क पुलिस ने कुछ समय के लिए रोक दिया. लेकिन असली चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब मैक्रों खुद कार से बाहर निकले और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हँसते हुए फोन किया.

यह पूरी घटना उस समय घटी जब न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र की सालाना महासभा के लिए दुनिया भर से राष्ट्राध्यक्ष, सरकार प्रमुख, विदेश मंत्री और राजनयिकों की भीड़ जुटी हुई थी. इसी आयोजन के दौरान न्यूयॉर्क की एक प्रमुख सड़क पर ट्रंप के काफिले की आवाजाही के कारण अस्थायी रूप से ट्रैफिक रोका गया, जिसमें फ्रांस के राष्ट्रपति का काफिला भी फंस गया.

कार से उतरकर मैक्रों ने किया ट्रंप को कॉल

प्रत्यक्षदर्शियों और रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब काफी देर तक उनकी गाड़ी नहीं बढ़ सकी, तो राष्ट्रपति मैक्रों ने एक शांत लेकिन उत्साही रवैया अपनाया. उन्होंने अपनी गाड़ी से बाहर आकर मुस्कुराते हुए पुलिस से स्थिति की जानकारी ली और फिर डोनाल्ड ट्रंप को फोन लगाया. बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में हल्का-फुल्का मजाक भी हुआ और ट्रंप ने तुरंत अधिकारियों को रास्ता साफ करने का निर्देश दिया.

इस पूरी घटना को लेकर एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें मैक्रों को सड़क के किनारे फोन पर बात करते और आसपास मौजूद लोगों के साथ हल्की बातचीत करते देखा जा सकता है.

पुलिस की सफाई: ट्रंप का काफिला था कारण

न्यूयॉर्क पुलिस ने बाद में बयान जारी करते हुए कहा कि राष्ट्रपति मैक्रों की कार किसी जानबूझकर कार्रवाई का शिकार नहीं हुई, बल्कि डोनाल्ड ट्रंप के सुरक्षा काफिले के गुजरने की वजह से ट्रैफिक को अस्थायी रूप से रोका गया था.

पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि न्यूयॉर्क में ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था स्थानीय प्रशासन के नियंत्रण में होती है और ट्रंप का इस पर सीधा कोई नियंत्रण नहीं होता.

मैक्रों ने फिलिस्तीन को दी मान्यता

इस छोटी-सी घटना के बाद जब राष्ट्रपति मैक्रों संयुक्त राष्ट्र महासभा पहुंचे, तो उन्होंने एक बड़ा और ऐतिहासिक राजनीतिक बयान दिया. उन्होंने औपचारिक रूप से फ्रांस की ओर से फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र देश के रूप में मान्यता देने की घोषणा की.

मैक्रों ने अपने भाषण में कहा,व"हमें एक ऐसा रास्ता तलाशना होगा जो स्थायी शांति की ओर ले जाए. फिलिस्तीन को देश के रूप में मान्यता देना इसी दिशा में हमारा एक अहम कदम है."

इस ऐलान को मध्य पूर्व की जटिल राजनीति में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है. यह कदम अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों की नीतियों पर भी प्रभाव डाल सकता है, जो फिलिस्तीन को लेकर अब तक सतर्क रुख अपनाए हुए हैं.

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