बच्चों और सोशल मीडिया का मुद्दा पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन चुका है. हाल ही में ऑस्ट्रेलिया ने बच्चों के सोशल मीडिया चलाने पर बैन लगाने का बड़ा कदम उठाया, और अब फ्रांस भी इस दिशा में विचार कर रहा है. फ्रांस ने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया और हाई स्कूलों में मोबाइल फोन पर बैन लगाने की योजना बनाई है, जिससे इस मुद्दे पर एक नई बहस शुरू हो गई है.
फ्रांस में बच्चों के सोशल मीडिया पर बैन की तैयारी
फ्रांस की सरकार बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर कड़ा कदम उठाने की योजना बना रही है. यदि यह कानून लागू होता है तो 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर अकाउंट बनाना पूरी तरह से प्रतिबंधित हो जाएगा. इसके साथ ही, हाई स्कूलों में मोबाइल फोन रखने पर भी बैन लगाने की तैयारी चल रही है. पहले से ही, फ्रांस के प्राइमरी और मिडल स्कूलों में बच्चों को मोबाइल फोन लाने की अनुमति नहीं है, और अब इसे हाई स्कूलों तक बढ़ाने की योजना है.
कानूनी ड्राफ्ट की तैयारी और सरकारी कदम
फ्रांस की सरकार इस बैन की तैयारी अगले कुछ दिनों में शुरू करने जा रही है, और इसके लिए एक ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा. इससे पहले, 2023 में फ्रांस ने एक कानून पारित किया था, जिसमें 15 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया अकाउंट के लिए पैरेंटल कन्सेंट की आवश्यकता थी. हालांकि, तकनीकी समस्याओं के कारण यह कानून पूरी तरह से लागू नहीं हो सका.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने बार-बार सोशल मीडिया और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध पर चिंता जताई है. उन्होंने अपने नए साल के संबोधन में भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए लोगों से अपने बच्चों को सोशल मीडिया से बचाने की अपील की थी.
क्या यूरोपीय संघ में भी लागू होगा यह बैन?
फ्रांस में बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाने की तैयारी के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या इस बैन को पूरे यूरोपीय संघ में लागू किया जाएगा. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पहले ही कहा था कि वह पूरे यूरोपीय संघ में सोशल मीडिया पर रेगुलेशन के लिए आवाज उठाएंगे. पिछले साल जून में उन्होंने कहा था कि बच्चों के सोशल मीडिया एक्सेस को नियंत्रित करने के लिए यूरोपीय संघ को एक संयुक्त कदम उठाना चाहिए. नवंबर 2025 में, यूरोपीय संसद ने भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया का उपयोग करने की न्यूनतम आयु तय करने की सिफारिश की थी ताकि बच्चों के बीच बढ़ते मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों को रोका जा सके.
सोशल मीडिया और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य का कनेक्शन
बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर सोशल मीडिया के प्रभाव को लेकर विशेषज्ञों ने कई चेतावनियां दी हैं. सोशल मीडिया पर अत्यधिक समय बिताने से बच्चों में चिंता, डिप्रेशन, आत्म-संवेदनशीलता और अन्य मानसिक समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है. यही कारण है कि कई देशों ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखने और इसके उपयोग को नियंत्रित करने की दिशा में कदम उठाए हैं.
बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर क्या होगा असर?
अगर फ्रांस और अन्य देशों द्वारा प्रस्तावित नियम लागू होते हैं तो यह बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर बड़ा असर डाल सकता है. यह केवल एक राष्ट्रीय समस्या नहीं बल्कि वैश्विक चिंता का विषय बन चुका है. सोशल मीडिया पर बच्चों की पहुंच सीमित करने से उनका मानसिक स्वास्थ्य बेहतर हो सकता है, लेकिन यह उनके लिए संभावित जानकारी और सोशल नेटवर्किंग के अवसरों को भी कम कर सकता है.
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