Nepal Flood: तिब्बत में बुधवार को पहले भूकंप आया और इसके कुछ समय बाद लैंडस्लाइड की घटना हुई. इसके बाद नेपाल में अचानक बाढ़ आ गई. बाढ़ में करीब 1,000 लोगों के बहने की आशंका जताई जा रही है. करीब 300 लोग अब भी फंसे बताए जा रहे हैं, जबकि 8 लोगों की मौत की खबर है. बाढ़ का असर भारत में भी दिख रहा है. नेपाल से सटे बिहार के चंपारण, बेतिया, मधुबनी समेत 6 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है.
नेपाली अखबार ई-कांतिपुर के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 8 बजे तिब्बत में 4.4 तीव्रता का भूकंप आया. इसके कुछ देर बाद लेंडे नदी के पास लैंडस्लाइड हुई. इससे नदी का रास्ता बंद हो गया और पानी नेपाल की ओर बहने लगा.
नेपाल और चीन के वैज्ञानिक इस बात की जांच कर रहे हैं कि लैंडस्लाइड किस जगह से शुरू हुई थी. साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं किसी हिमनदी झील के फटने से तो अचानक इतना पानी नहीं आया.
बारिश के बिना नेपाल में कैसे आई बाढ़?
नेपाल के जल विभाग के मुताबिक, तिब्बत में लेंडे नदी का रास्ता लैंडस्लाइड के कारण बंद हो गया. इससे पानी का बहाव रुक गया और बड़ी मात्रा में पानी रसुवा नदी की ओर चला गया. इसके बाद रसुवा नदी से पानी भोटेकोशी नदी में पहुंचा और नेपाल के पहाड़ी इलाकों में फैल गया. देखते ही देखते बाढ़ ने खतरनाक रूप ले लिया.
बताया जा रहा है कि तिब्बत की ओर से हिमनदी झील के फटने जैसी किसी घटना की जानकारी नेपाल को पहले नहीं दी गई थी. ऐसे में नेपाल को बाढ़ के खतरे का सही अंदाजा नहीं लग पाया.
नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही
बाढ़ के कारण नेपाल में हालात बेहद खराब हैं. अब तक 8 लोगों की मौत की खबर है और करीब 1,000 लोगों के बहने की आशंका जताई जा रही है. करीब 300 वाहन भी बाढ़ के पानी में बह गए हैं. नेपाल की सेना ने प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान शुरू कर दिया है.
राहत और बचाव के लिए 7 हेलीकॉप्टर और 35 बचावकर्मियों को लगाया गया है. नेपाल सरकार के मुताबिक, अभी 345 पर्यटकों से संपर्क नहीं हो पाया है. इनमें 291 विदेशी पर्यटक बताए जा रहे हैं. अचानक पानी बढ़ने के कारण बचाव कार्य में भी काफी परेशानी आ रही है.
यूपी-बिहार में भी अलर्ट
बाढ़ के खतरे को देखते हुए नेपाल सरकार ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग को सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में रखा है. वहीं, भारत में बिहार के चंपारण, बेतिया, गोपालगंज, मधुबनी और सीतामढ़ी समेत नेपाल से सटे कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है.
नेपाल से निकलने वाली कई नदियां इन इलाकों से होकर गुजरती हैं, इसलिए बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. नेपाल सीमा से लगे उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं.
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