Nepal Flood Video: तिब्बत की ओर से अचानक आई भीषण बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले के टिमुरे बाजार में भारी तबाही मचा दी है. लेन्दे खोला (भोटेकोशी) में आई बाढ़ से रसुवा सीमा नाके को भी बड़ा नुकसान हुआ है.
अधिकारियों के मुताबिक, टिमुरे समेत आसपास के दो बाजार पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं. इस हादसे में करीब 1000 लोगों के बहने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
पीएम बालेंद्र शाह ने बुलाई आपात बैठक
बाढ़ से हुई भारी तबाही के बाद प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन की आपात बैठक बुलाई है. उनके सलाहकार असीम शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री खुद प्रभावित जिलों के अधिकारियों से संपर्क में हैं और स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं.
Terrifying flood situation caught on camera in Rasuwa, Nepal pic.twitter.com/DTXFbudnDB
— Surajit (@surajit_ghosh2) August 26, 2026
बाजार और कस्टम क्षेत्र को भारी नुकसान
रसुवा के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी ध्रुव प्रसाद अधिकारी ने बताया कि बाढ़ से बाजार और कस्टम कार्यालय क्षेत्र को भी काफी नुकसान हुआ है. रसुवा भन्सार क्षेत्र में खड़े कई वाहन और सामान पानी के तेज बहाव में बह गए. पिछले साल की बाढ़ में टूटे स्थान पर हाल ही में बनाया गया नया पुल भी इस बार बह गया.
सुबह करीब 9 बजे अचानक आई बाढ़
जिला पुलिस कार्यालय रसुवा के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 9 बजे अचानक आई तेज बाढ़ ने टिमुरे बाजार की बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया. रसुवा के प्रमुख जिला अधिकारी नरेन्द्र परियार ने बताया कि निचले इलाकों में कई जलविद्युत परियोजनाओं के बहने और बस्तियों में पानी घुसने की सूचना मिली है.
तीन पुलिस कार्यालय भी प्रभावित
बाढ़ से नेपाल पुलिस के तीन कार्यालयों को भी नुकसान पहुंचा है. पुलिस प्रधान कार्यालय के मुताबिक, इलाका प्रहरी कार्यालय टिमुरे, प्रहरी चौकी स्याफ्रुबेसी और प्रहरी चौकी रसुवागढ़ी प्रभावित हुए हैं. वहीं, नुवाकोट जिले में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है.
चार जिलों के लिए वाहन काठमांडू में रोके गए
रसुवा में बाढ़ और खतरे को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने काठमांडू से रसुवा, नुवाकोट, चितवन और धादिङ जाने वाले वाहनों को रोक दिया है. काठमांडू उपत्यका ट्रैफिक पुलिस कार्यालय के एसपी नरेशराज सुवेदी ने बताया कि हालात को देखते हुए इन जिलों की ओर जाने वाली आवाजाही बंद कर दी गई है.
दो सैन्य हेलीकॉप्टर रसुवा रवाना
राहत और बचाव के लिए नेपाली सेना के दो हेलीकॉप्टर रसुवा भेजे गए हैं. नेपाली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल राजाराम बस्नेत ने बताया कि दोनों हेलीकॉप्टर बाढ़ प्रभावित इलाकों में भेजे गए हैं. भोटेकोशी नदी में तेज बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय ने सभी हेलीकॉप्टर कंपनियों को भी जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद के लिए तैयार रहने को कहा है.
पीएम बालेंद्र शाह ने दिए निर्देश
प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह के सचिवालय ने सभी हेलीकॉप्टर कंपनियों को जरूरत पड़ने पर तुरंत उड़ान भरने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है. सरकार की ओर से बचाव और राहत कार्यों को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है.
पांच जिलों में नदी किनारे रहने वालों को अलर्ट
भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ को देखते हुए रसुवा, नुवाकोट, धादिङ, गोरखा और चितवन के नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है.
गृह मंत्री ने भी बुलाई आपात बैठक
रसुवा में बाढ़ से हुए नुकसान को लेकर गृह मंत्री सुदन गुरुंग की मौजूदगी में मानसून प्रतिकार्य कमान्ड पोस्ट की आपात बैठक शुरू हो गई है. बैठक में बाढ़ से हुए नुकसान, खोज-बचाव और राहत कार्यों को लेकर जरूरी फैसले लिए जा रहे हैं.
नदी किनारे रहने वालों से सुरक्षित जगह जाने की अपील
गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ के बाद नदी किनारे रहने वाले लोगों से तुरंत सुरक्षित जगह जाने की अपील की है. सरकार की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के किनारे मुग्लिन तक का इलाका बेहद जोखिम में है. रसुवा, धादिङ, गोरखा, चितवन और नुवाकोट में नदी किनारे रहने वाले परिवारों से अगले आदेश तक सुरक्षित स्थानों पर रहने को कहा गया है.
हेल्पलाइन नंबर जारी
सरकार ने लोगों की मदद के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1234 जारी किया है. किसी जगह खोज और बचाव की जरूरत होने या मदद चाहिए होने पर इस नंबर पर संपर्क करने को कहा गया है.
गृह मंत्री ने लोगों से पृथ्वी राजमार्ग, गल्छी-नुवाकोट-रसुवा-स्याफ्रुबेसी सड़क और मुग्लिन-नारायणगढ़ सड़क पर यात्रा नहीं करने की अपील की है. इन रास्तों पर फिलहाल आवाजाही रोकने को कहा गया है.
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