देश की रक्षा तैयारियों को नई मजबूती देते हुए केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के नासिक स्थित नए प्रोडक्शन हब से तेजस LCA MK-1A लड़ाकू विमान का औपचारिक उद्घाटन किया. यह न केवल भारत की वायुसेना के लिए एक ऐतिहासिक क्षण रहा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की उड़ान का भी प्रतीक बन गया.
तेजस MK-1A की पहली उड़ान के मौके पर रक्षा मंत्री खुद मौजूद रहे और उन्होंने इस ऐतिहासिक उड़ान को अपनी आंखों से देखा. उन्होंने इसे 'गर्व का क्षण' बताया और कहा, “आज मेरा सीना गर्व से चौड़ा हो गया है.” उनके मुताबिक, यह नासिक न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का केंद्र है, बल्कि रक्षा उत्पादन में भारत की बढ़ती ताकत का भी प्रमाण है.
HAL नासिक प्लांट से हर साल जुड़ेंगे 8 नए तेजस विमान
इस मौके पर HAL की तीसरी उत्पादन लाइन और HTT-40 ट्रेनर एयरक्राफ्ट की दूसरी लाइन का भी उद्घाटन किया गया. इससे पहले तेजस विमानों का निर्माण केवल बेंगलुरु स्थित दो यूनिट्स में हो रहा था, जहां हर साल 16 विमान बनते हैं. नासिक यूनिट के जुड़ने से HAL की कुल उत्पादन क्षमता 24 विमान प्रति वर्ष हो जाएगी. इस यूनिट को 150 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किया गया है.
अब भारत खुद बना रहा है वह सब, जो कभी बाहर से आता था
अपने भाषण में रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने पिछले कुछ वर्षों में आत्मनिर्भरता की दिशा में तेज़ी से कदम बढ़ाए हैं. उन्होंने कहा, कि जो कुछ हम पहले विदेशों से मंगवाते थे – चाहे वह फाइटर जेट हों, मिसाइलें, इंजन या रक्षा उपकरण अब हम वही सब देश में बना रहे हैं. उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारतीय एयरोस्पेस इंडस्ट्री अब वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कर रही है.
अंतरिक्ष तक मजबूत हो रही भारत की पकड़
राजनाथ सिंह ने बताया कि भारत सिर्फ रक्षा क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि स्पेस टेक्नोलॉजी में भी उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है. उन्होंने कहा, कि हमने ‘मेक इन इंडिया’ के तहत न केवल लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा दिया है, बल्कि एयरोस्पेस उपकरणों के निर्माण में भी नई ऊंचाइयों को छुआ है.
जानिए तेजस MK-1A की तकनीकी खूबियां
तेजस MK-1A भारत में ही डिजाइन और विकसित किया गया एक 4.5 जनरेशन का मल्टी-रोल फाइटर जेट है. यह तेजस का उन्नत संस्करण है, जिसे खासतौर पर मिग-21 की जगह लेने के लिए तैयार किया गया है. इसमें:
हवा में ईंधन भरने की क्षमता
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