नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ द्विपक्षीय बातचीत की और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की. इस दौरान दोनों देशों के बीच कई एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए. फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने दुनिया से अपील की है कि वह थोड़ा और भारत की तरह बने, क्योंकि भारत दूसरों की स्वायत्तता का सम्मान करता है और व्यावहारिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ता है.
अलेक्जेंडर स्टब ने कहा, "भारत दुनिया के सबसे बड़े और सबसे प्रभावशाली देशों में से एक है और दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र भी है. जैसा कि हमने देखा है, आप अब यूरोप के लिए एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार बन चुके हैं. भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, जिसे हम यहां हर दिन देख सकते हैं."
भारत की विदेश नीति व्यावहारिक और यथार्थवादी
फिनलैंड के राष्ट्रपति ने भारत की विदेश नीति की सराहना करते हुए कहा, "आपकी विदेश नीति की खासियत यह है कि आप कभी गलतफहमी में नहीं रहते. आपने हमेशा अपनी विदेश नीति को व्यावहारिक और यथार्थवादी दृष्टिकोण पर आधारित रखा है. आपने दुनिया को दिखाया है कि रणनीतिक सतर्कता और स्वायत्तता की रक्षा करना कितना महत्वपूर्ण है, साथ ही बहुपक्षवाद और वैश्विक सहयोग का समर्थन भी जरूरी है. मेरा व्यक्तिगत रूप से मानना है कि दुनिया को थोड़ा और भारतीय बनना चाहिए."
बदलते वैश्विक व्यवस्था में भारत की भूमिका अहम
स्टब ने कहा कि दुनिया, "तेजी से बदल रही है और वैश्विक व्यवस्था में परिवर्तन का दौर चल रहा है. उन्होंने कहा, “भारत, ग्लोबल साउथ में अपने दोस्तों के साथ मिलकर यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगा कि यह वैश्विक व्यवस्था किस दिशा में आगे बढ़ेगी."
वेस्ट एशिया और यूक्रेन युद्ध पर भी चर्चा
उन्होंने बताया कि बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर भी चर्चा हुई. “हमने रक्षा मामलों और संघर्षों, खासकर वेस्ट एशिया और यूक्रेन पर चर्चा की. हम इस बात पर सहमत हुए कि युद्ध का अंत सभी के हित में है. स्थायी शांति तभी संभव है जब संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों का सम्मान किया जाए.”
यूएनएससी में भारत की स्थायी सीट का समर्थन
अलेक्जेंडर स्टब ने कहा, “मेरा मानना है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत के लिए एक स्थायी सीट बेहद जरूरी है. हमने भारत और यूरोपीय संघ के रिश्तों पर भी चर्चा की और मेरा विश्वास है कि यह रणनीतिक साझेदारी महत्वपूर्ण है.”
20 फिनिश कंपनियों के साथ भारत दौरे पर आए
उन्होंने बताया कि उनके साथ फिनलैंड की 20 कंपनियां भी भारत आई हैं, जो तकनीक, क्वांटम, सैटेलाइट, नेटवर्क, फूड और ग्रीन टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में काम कर रही हैं. उन्होंने कहा कि भारत और यूरोप के बीच सहयोग की यह एक अच्छी शुरुआत है.
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