'कोई आपसे नाराज है...', ट्रंप टैरिफ पर पीएम मोदी से बोले फिजी के प्रधानमंत्री

भारत दौरे पर आए फिजी के प्रधानमंत्री सिटिवेनी लिगाममादा राबुका ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान भारत की वैश्विक भूमिका की जमकर सराहना की. उन्होंने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित सप्रू हाउस में आयोजित ‘ओशन ऑफ पीस’ व्याख्यान में हिस्सा लिया.

Fiji PM Rabuka Says someone is not very happy with you
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भारत दौरे पर आए फिजी के प्रधानमंत्री सिटिवेनी लिगाममादा राबुका ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान भारत की वैश्विक भूमिका की जमकर सराहना की. उन्होंने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित सप्रू हाउस में आयोजित ‘ओशन ऑफ पीस’ व्याख्यान में हिस्सा लिया, जिसे इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स (ICWA) द्वारा आयोजित किया गया था.

इस दौरान राबुका ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए गए 50% आयात शुल्क को लेकर चुटकी ली और बिना नाम लिए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर कटाक्ष किया. उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी से मेरी मुलाकात में मैंने बताया कि कोई आपसे खुश नहीं है, लेकिन आप इतने मज़बूत हैं कि इन झंझावातों को झेल सकते हैं." गौरतलब है कि अमेरिका ने भारत द्वारा रूस से तेल खरीद जारी रखने पर नाराज़गी जताते हुए 25% अतिरिक्त शुल्क लगाया है, जिससे भारत पर कुल 50% टैरिफ लागू हो गया है. इसका सीधा असर कपड़ा, चमड़ा, रत्न-आभूषण और झींगा निर्यात जैसे क्षेत्रों पर पड़ने की संभावना है.

भारत-फिजी साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाने की पहल

प्रधानमंत्री राबुका की यह तीन दिवसीय भारत यात्रा रविवार से शुरू हुई थी. उन्होंने इस दौरान दोनों देशों के बीच सुरक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार, डिजिटल प्रौद्योगिकी और मानव संसाधन विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को और अधिक मजबूत करने की मंशा जताई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राबुका के बीच सोमवार को हुई द्विपक्षीय बैठक में सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए. इनमें से कई समझौते समुद्री सुरक्षा और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता सुनिश्चित करने को लेकर थे.

‘ओशन ऑफ पीस’ की अवधारणा और भारत की भूमिका

अपने व्याख्यान में राबुका ने ‘ओशन ऑफ पीस’ यानी "शांति का सागर" दृष्टिकोण को साझा करते हुए कहा कि यह पहल पूरे प्रशांत क्षेत्र में स्थायित्व और सहयोग को बढ़ावा देने की दिशा में है. उन्होंने इस सोच में भारत को एक "महत्वपूर्ण साझेदार" बताया और कहा कि: "फिजी और भारत मिलकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को शांति और सहयोग का केंद्र बना सकते हैं, जो न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्थिरता में योगदान देगा." राबुका ने बताया कि उनकी इस अवधारणा को प्रधानमंत्री मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दोनों का समर्थन प्राप्त है.

ग्लोबल साउथ की आवाज़ बना भारत

फिजी के प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दुनिया की बड़ी ताकतों के बीच की खींचतान का असर छोटे देशों पर पड़ता है. उन्होंने माना कि भारत-अमेरिका संबंधों में आई कड़वाहट जैसी घटनाएं फिजी जैसे द्वीपीय देशों को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर सकती हैं. राबुका ने आतंकवाद के प्रति भारत की जीरो टॉलरेंस नीति का समर्थन करते हुए कहा कि यह रुख वैश्विक सुरक्षा के लिए जरूरी है. उन्होंने भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता दिए जाने के पक्ष में दोबारा अपना समर्थन दोहराया.

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