Dhiraj Seth Next Chief of Army Staff: भारतीय सेना को जल्द ही नया नेतृत्व मिलने जा रहा है. रक्षा मंत्रालय ने देश के अगले चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सीओएएस) के नाम पर आधिकारिक मुहर लगा दी है. राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है. वह 30 जून 2026 को वर्तमान सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का स्थान लेंगे. लगभग चार दशकों के सैन्य अनुभव के साथ धीरज सेठ अब देश की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति की कमान संभालेंगे.
रक्षा मंत्रालय ने जारी किया नियुक्ति आदेश
रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, राष्ट्रपति ने लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला थल सेनाध्यक्ष नियुक्त करने की स्वीकृति प्रदान कर दी है. मंत्रालय के संयुक्त सचिव सत्यजीत मोहंती द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में इस नियुक्ति की जानकारी संबंधित विभागों को भी भेज दी गई है. धीरज सेठ 30 जून 2026 से अपना कार्यभार संभालेंगे और उनका कार्यकाल 31 अगस्त 2028 तक रहेगा.
चार दशक का सैन्य अनुभव
लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ का सैन्य करियर उपलब्धियों और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियों से भरा रहा है. महाराष्ट्र के पुणे स्थित खड़कवासला की राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के पूर्व छात्र रहे धीरज सेठ को वर्ष 1986 में आर्मर्ड कोर में कमीशन मिला था. सेना में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान उन्होंने देश के विभिन्न रणनीतिक और संवेदनशील इलाकों में सेवाएं दी हैं.
उन्होंने आतंकवाद विरोधी अभियानों से लेकर सीमावर्ती क्षेत्रों में सैन्य संचालन तक कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं. विभिन्न भौगोलिक परिस्थितियों में काम करने के कारण उन्हें युद्धक रणनीति और ऑपरेशनल कमांड का व्यापक अनुभव प्राप्त हुआ है.
रेगिस्तान से लेकर जम्मू-कश्मीर तक संभाली कमान
अपने सैन्य करियर में धीरज सेठ ने रेगिस्तानी क्षेत्रों में एक आर्मर्ड रेजिमेंट की कमान संभाली. इसके बाद उन्होंने विकसित क्षेत्रों में एक आर्मर्ड ब्रिगेड का नेतृत्व किया. जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और सुरक्षा बलों का नेतृत्व किया.
बाद में उन्होंने सुदर्शन चक्र कोर की कमान संभाली, जो भारतीय सेना की सबसे महत्वपूर्ण स्ट्राइक फॉर्मेशन में गिनी जाती है. दिल्ली में जनरल ऑफिसर कमांडिंग के रूप में रहते हुए उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के सैन्य अभियानों का नेतृत्व किया.
सेना की दो प्रमुख कमानों का कर चुके हैं नेतृत्व
सेना कमांडर के रूप में धीरज सेठ ने दक्षिण-पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर भी सेवाएं दी हैं. यह जिम्मेदारी भारतीय सेना के सबसे महत्वपूर्ण नेतृत्व पदों में मानी जाती है. उनके पास पश्चिमी मोर्चे पर दो बड़े ऑपरेशनल कमांड संभालने का अनुभव भी है, जो उनकी रणनीतिक क्षमता और नेतृत्व कौशल को दर्शाता है.
तीन दशक बाद टैंक अधिकारी को मिली सेना की कमान
धीरज सेठ की नियुक्ति कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है. करीब 30 वर्षों बाद किसी आर्मर्ड कोर यानी टैंक अधिकारी को भारतीय सेना का प्रमुख बनाया गया है. इससे पहले वर्ष 1997 में जनरल शंकर रॉय चौधरी, जो आर्मर्ड कोर से थे, सेना प्रमुख बने थे. भारतीय सेना में लंबे समय से इंफेंट्री और आर्टिलरी अधिकारियों का सेना प्रमुख के पद पर अधिक प्रतिनिधित्व रहा है. ऐसे में धीरज सेठ की नियुक्ति को सेना के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है.
पाकिस्तान सीमा से जुड़े क्षेत्रों में भी संभाली अहम जिम्मेदारी
भोपाल स्थित सुदर्शन चक्र कोर के कमांडर के रूप में कार्य करने के अलावा धीरज सेठ सेना की दक्षिणी कमान और पश्चिम-दक्षिणी कमान का नेतृत्व भी कर चुके हैं. ये कमानें पंजाब के बठिंडा से लेकर गुजरात के कच्छ तक फैली पाकिस्तान सीमा की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं.
सीमावर्ती इलाकों में लंबे अनुभव और रणनीतिक सैन्य नेतृत्व के कारण उन्हें भारतीय सेना के सबसे अनुभवी अधिकारियों में गिना जाता है. अब देश की थल सेना की कमान उनके हाथों में होगी और आने वाले वर्षों में भारतीय सेना के आधुनिकीकरण तथा सुरक्षा रणनीति में उनकी भूमिका अहम रहने वाली है.
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