दुबई एयर शो, जो 1986 से हर दो साल में आयोजित हो रहा है, दुनिया का सबसे बड़ा विमानन मेला माना जाता है. इसमें शामिल होने वाले एयरक्राफ्ट्स और एयरफोर्स के जेट्स हमेशा दुनिया के सामने अपनी ताकत और तकनीकी उन्नति का प्रदर्शन करते हैं. लेकिन इस आयोजन के इतिहास में केवल तकनीकी उन्नति ही नहीं, बल्कि कुछ गंभीर और दुर्लभ दुर्घटनाएं भी सामने आई हैं. हाल ही में 2025 के दुबई एयर शो में भारतीय वायुसेना के तेजस फाइटर जेट के क्रैश के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ खड़ा हुआ कि क्या ऐसी घटनाएं एयर शो की सुरक्षा पर सवालिया निशान नहीं डालती हैं?
पाकिस्तान का चेंगदू J-10C क्रैश
2019 में पाकिस्तान एयर फोर्स का चेंगदू J-10C फाइटर जेट दुबई एयर शो के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. यह पाकिस्तान के लिए एक बड़ा सदमा था क्योंकि यह विमान चीन द्वारा निर्मित था और पाकिस्तान को पहली बार आपूर्ति किया गया था. घटना 18 नवंबर की है, जब विमान के पायलट ने उड़ान भरते हुए तकनीकी खराबी का सामना किया और इजेक्ट किया. हालांकि, विमान दुबई के एक रिहायशी इलाके में गिरा, जिससे एक बच्चे की मौत हो गई और एक घर भी नष्ट हो गया. इस हादसे के बाद जांच में पायलट की त्रुटि और तकनीकी खराबी को जिम्मेदार ठहराया गया था. यह दुबई एयर शो का पहला घातक हादसा था, जिसने सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठाए थे.
सऊदी अरब और रूस के विमान दुर्घटनाग्रस्त
पाकिस्तान के चेंगदू J-10C के क्रैश से पहले, 2017 में एक और छोटा विमान हादसा हुआ था. इस हादसे में सऊदी अरब की सलाम एयरलाइंस का बोइंग 737-800 विमान अचानक इंजन फेलियर के कारण फिसलने लगा और आस-पास खड़े विमानों से टकरा गया. हालांकि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ, लेकिन घटना के कारण आयोजन को कुछ घंटों के लिए रोक दिया गया. सऊदी टीम ने इसे 'माइनर टेक्निकल फॉल्ट' बताया था. इसी प्रकार, 2009 में रूस के सुखोई एसयू-27 जेट को भी एक दुर्घटना का सामना करना पड़ा था. यह विमान प्रदर्शन के दौरान कंट्रोल खो बैठा, लेकिन पायलट ने इमरजेंसी लैंडिंग कर ली और कोई नुकसान नहीं हुआ.
अमेरिका का एफ-16 और यूएई का F-16
2015 में, अमेरिका का एफ-16 फाइटर जेट भी दुबई एयर शो में एक दुर्घटना का शिकार हुआ था. यह विमान प्रदर्शन के दौरान इंजन की समस्या के कारण हवा में ही रुक गया, लेकिन पायलट ने विमान को सुरक्षित उतार लिया. इसके अलावा, 2013 में खुद संयुक्त अरब अमीरात का F-16 लड़ाकू विमान भी इंजन स्नैग का शिकार हुआ, लेकिन उसे भी सुरक्षित रूप से लैंड कराया गया. ब्रिटिश हॉक ट्रेनर (2007) और फ्रेंच डसॉल्ट मिराज (2011) में भी ऐसे मामूली हादसे हुए थे, लेकिन ये क्रैश तक नहीं पहुंचे.
2025 में तेजस का क्रैश
हाल ही में, 2025 के दुबई एयर शो में भारतीय वायुसेना का स्वदेशी तेजस फाइटर जेट दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जो इस आयोजन का ताज़ा हादसा था. भारतीय वायुसेना ने इसकी जांच शुरू कर दी है, और माना जा रहा है कि यह दुर्घटना निगेटिव जी-फोर्स से जुड़ी हो सकती है. यह हादसा एयर शो में शामिल किसी भारतीय विमान का पहला दुर्घटना था और इसने सुरक्षा मानकों को फिर से ध्यान में लाने की आवश्यकता को रेखांकित किया.
सुरक्षा मानकों की चुनौती
दुबई एयर शो में हुए इन दुर्घटनाओं ने न केवल एयर शो की सुरक्षा को चुनौती दी है, बल्कि उन्होंने यह भी साबित किया कि तकनीकी उन्नति के बावजूद, उड़ान के दौरान जोखिम हमेशा बना रहता है. हालांकि दुबई एयर शो की सुरक्षा व्यवस्था और मानक बेहद सख्त होते हैं, फिर भी इन दुर्लभ दुर्घटनाओं से यह सिद्ध होता है कि कोई भी तकनीकी या मानव त्रुटि बड़े हादसे का कारण बन सकती है.
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