FIFA World Cup Prize Money: फीफा वर्ल्ड कप 2026 अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है और अब पूरी दुनिया की निगाहें अर्जेंटीना और स्पेन के बीच होने वाले महामुकाबले पर टिकी हैं. भारतीय समयानुसार 20 जुलाई की रात 12:30 बजे होने वाला यह फाइनल सिर्फ ट्रॉफी की जंग नहीं होगा, बल्कि सम्मान, इतिहास और करोड़ों रुपये के इनाम की भी लड़ाई होगी. पहली बार दोनों टीमें विश्व कप के फाइनल में आमने-सामने होंगी. एक ओर 39 वर्षीय दिग्गज लियोनेल मेसी अपने शानदार करियर में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ने उतरेंगे, तो दूसरी तरफ 19 वर्षीय युवा स्टार लामीन यमाल नई पीढ़ी के चेहरे के रूप में इतिहास रचने की कोशिश करेंगे. लेकिन इस रोमांचक मुकाबले के पीछे एक और बड़ी कहानी छिपी है और वह है फीफा द्वारा रखा गया रिकॉर्ड प्राइज मनी, जिसने इस टूर्नामेंट को दुनिया के सबसे अमीर खेल आयोजनों में शामिल कर दिया है.
फीफा वर्ल्ड कप 2026 की प्राइज मनी
फीफा ने इस बार वर्ल्ड कप के लिए कुल 871 मिलियन डॉलर का प्राइज पूल तय किया, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 83,866 करोड़ रुपये के बराबर है. यह अब तक का सबसे बड़ा इनामी पूल है. पिछले संस्करणों की तुलना में इसमें लगभग 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण टूर्नामेंट का विस्तार भी रहा, क्योंकि पहली बार वर्ल्ड कप में 32 की जगह 48 टीमों ने हिस्सा लिया. ज्यादा टीमों के शामिल होने के साथ इनामी राशि में भी ऐतिहासिक इजाफा देखने को मिला.
चैंपियन टीम पर होगी करोड़ों की बारिश
विश्व कप जीतने वाली टीम को इस बार 50 मिलियन डॉलर का इनाम मिलेगा. भारतीय मुद्रा में यह राशि करीब 481 करोड़ रुपये बैठती है. यानी ट्रॉफी उठाने वाली टीम सिर्फ विश्व चैंपियन ही नहीं बनेगी, बल्कि करोड़ों रुपये की मालिक भी होगी.
फाइनल हारने वाली उपविजेता टीम को भी खाली हाथ नहीं लौटना पड़ेगा. उसे 33 मिलियन डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी. वहीं तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 29 मिलियन डॉलर और चौथे स्थान पर रहने वाली टीम को 27 मिलियन डॉलर दिए जाएंगे. इससे साफ है कि टूर्नामेंट के अंतिम चरण तक पहुंचने वाली हर टीम को आर्थिक रूप से भी बड़ा फायदा होगा.
हर टीम को मिली मोटी रकम
फीफा ने इस बार सिर्फ विजेताओं पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सभी टीमों को आर्थिक सहयोग भी दिया. प्रतियोगिता शुरू होने से पहले सभी 48 टीमों को तैयारियों के लिए 2.5 मिलियन डॉलर की राशि प्रदान की गई.
इसके अलावा वर्ल्ड कप में खेलने वाली कोई भी टीम 10 मिलियन डॉलर से कम इनाम लेकर घर नहीं जाएगी. भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब 96.2 करोड़ रुपये के बराबर है. यानी ग्रुप स्टेज से बाहर होने वाली टीमों को भी बड़ी आर्थिक सहायता मिलेगी.
क्वार्टरफाइनल तक पहुंचने वाली टीमों को भी बड़ा इनाम
जो चार टीमें क्वार्टरफाइनल तक पहुंचीं लेकिन सेमीफाइनल में जगह नहीं बना सकीं, उन्हें 19 मिलियन डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी. वहीं नौवें से 16वें स्थान पर रहने वाली प्रत्येक टीम को 15 मिलियन डॉलर दिए जाएंगे. इसके अलावा 17वें से 32वें स्थान तक रहने वाली टीमों को 11 मिलियन डॉलर की राशि मिलेगी. जो टीमें ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ सकीं, उन्हें भी 10 मिलियन डॉलर मिलेंगे. यह राशि उन 2.5 मिलियन डॉलर से अलग है, जो टूर्नामेंट की तैयारियों के लिए पहले ही दी जा चुकी थी.
मेसी और यमाल की टक्कर ने बढ़ाया फाइनल का रोमांच
इस बार का फाइनल सिर्फ अर्जेंटीना और स्पेन के बीच मुकाबला नहीं, बल्कि दो पीढ़ियों की भिड़ंत भी माना जा रहा है. एक तरफ फुटबॉल इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में शामिल लियोनेल मेसी हैं, जबकि दूसरी ओर स्पेन के युवा सुपरस्टार लामीन यमाल हैं, जिन्होंने कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा से पूरी दुनिया को प्रभावित किया है. दोनों खिलाड़ियों की मौजूदगी ने इस फाइनल को और भी खास बना दिया है. जहां मेसी अपने करियर का एक और विश्व खिताब जीतकर इतिहास में अमर होना चाहेंगे, वहीं यमाल अपने पहले विश्व कप में ही ट्रॉफी जीतकर नई कहानी लिखने के इरादे से मैदान में उतरेंगे.
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