FIFA World Cup 2026: एक समय था जब 30 साल की उम्र पार करते ही खिलाड़ियों के संन्यास की चर्चा शुरू हो जाती थी. क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस जैसे खेलों में कई बड़े खिलाड़ी 35 से 40 साल की उम्र तक खेल छोड़ चुके थे. लेकिन अब समय बदल गया है. आज कई दिग्गज खिलाड़ी 40 साल के करीब पहुंचने के बाद भी दुनिया के सबसे बड़े टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं.
क्रिकेट में विराट कोहली (37) और रोहित शर्मा (38) अब भी फिटनेस और प्रदर्शन से युवाओं को टक्कर दे रहे हैं. वहीं फुटबॉल में क्रिस्टियानो रोनाल्डो (41) और लियोनेल मेसी (39) फीफा वर्ल्ड कप 2026 में भी अपनी चमक बिखेर रहे हैं. इनके अलावा भी कई ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने उम्र को पीछे छोड़ते हुए शानदार खेल दिखाया है.
41 साल के रोनाल्डो का नहीं टूटा जादू
पुर्तगाल के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो 41 साल की उम्र में भी दुनिया के सबसे खतरनाक स्ट्राइकर माने जाते हैं. उनकी स्पीड, फिटनेस और गोल करने की क्षमता आज भी कम नहीं हुई है. रोनाल्डो अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं.
वह लगातार छह वर्ल्ड कप में गोल करने वाले पहले फुटबॉलर बन चुके हैं. मौजूदा टूर्नामेंट में भी वह दो गोल कर चुके हैं और कुल वर्ल्ड कप गोलों की संख्या 10 तक पहुंच गई है. हालांकि उनके नाम अब तक वर्ल्ड कप का खिताब नहीं है, जो उनके करियर की सबसे बड़ी कमी मानी जाती है.
40 साल के वोजिन्हा बने केप वर्डे के हीरो
केप वर्डे जैसे छोटे देश का नाम इस बार पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बना है. इसकी सबसे बड़ी वजह टीम के 40 साल के गोलकीपर वोजिन्हा हैं. उन्होंने 40 साल की उम्र में अपना पहला वर्ल्ड कप मैच खेलकर सबसे उम्रदराज़ खिलाड़ी के तौर पर वर्ल्ड कप डेब्यू करने का रिकॉर्ड बनाया.
उनके शानदार प्रदर्शन की वजह से केप वर्डे ने अपने शुरुआती दोनों मुकाबले ड्रॉ खेले और नॉकआउट की दौड़ में बना हुआ है. वोजिन्हा की लोकप्रियता भी तेजी से बढ़ी है. कुछ ही दिनों में उनके सोशल मीडिया फॉलोअर्स लाखों की संख्या में पहुंच गए हैं.
37 साल के एलॉय रूम बने कुरासाओ की मजबूत दीवार
कुरासाओ की आबादी सिर्फ करीब डेढ़ लाख है, लेकिन उसकी टीम ने बड़े देशों को कड़ी टक्कर दी है. इसका सबसे बड़ा कारण 37 साल के गोलकीपर एलॉय रूम हैं. उन्होंने इक्वाडोर के खिलाफ 15 शानदार सेव किए और वर्ल्ड कप रिकॉर्ड की बराबरी कर ली. इतना ही नहीं, उन्होंने पूरे मैच में एक भी गोल नहीं होने दिया और अपनी टीम को ऐतिहासिक एक अंक दिलाया.
43 साल के क्रेग गॉर्डन ने दिखाई कमाल की फिटनेस
स्कॉटलैंड के गोलकीपर क्रेग गॉर्डन इस वर्ल्ड कप के सबसे उम्रदराज़ खिलाड़ी हैं. 43 साल की उम्र में भी उन्होंने ब्राजील जैसी मजबूत टीम के खिलाफ शानदार गोलकीपिंग की. ब्राजील ने कई बार गोल करने की कोशिश की, लेकिन गॉर्डन ने शानदार बचाव करते हुए टीम को बड़े अंतर से हारने से बचाया. वह वर्ल्ड कप खेलने वाले इतिहास के दूसरे सबसे उम्रदराज़ खिलाड़ी भी बन गए हैं.
मेक्सिको के ओचोआ आज भी भरोसेमंद
मेक्सिको के 40 साल के गोलकीपर गिलर्मो ओचोआ का अनुभव टीम के काफी काम आ रहा है. उन्होंने अपने पहले मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए विपक्षी टीम को गोल करने का मौका नहीं दिया. ओचोआ पहले ही कह चुके हैं कि यह उनके करियर का आखिरी वर्ल्ड कप होगा, लेकिन उनकी फिटनेस और प्रदर्शन आज भी शानदार है.
40 साल के मॉड्रिच अब भी टीम की जान
क्रोएशिया के कप्तान लुका मॉड्रिच 40 साल की उम्र में भी टीम के सबसे अहम खिलाड़ी हैं. उन्हें टीम का दिल कहा जाता है. वह अपना पांचवां वर्ल्ड कप खेल रहे हैं और अब तक कई बड़े खिताब जीत चुके हैं. अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में उनके नाम 200 से ज्यादा मैच और कई अहम गोल दर्ज हैं.
एदिन जेको ने रचा इतिहास
बोस्निया और हर्जेगोविना के कप्तान एदिन जेको ने अपना 150वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेलते हुए टीम को बड़ी जीत दिलाई. उनकी कप्तानी में टीम पहली बार वर्ल्ड कप के नॉकआउट चरण में पहुंची.
मैन्युएल नोएर का अनुभव बना ताकत
जर्मनी के स्टार गोलकीपर मैन्युएल नोएर 40 साल की उम्र में भी दुनिया के सबसे बेहतरीन गोलकीपरों में गिने जाते हैं. वह अपना पांचवां वर्ल्ड कप खेल रहे हैं. शानदार रिफ्लेक्स और तेज खेल की वजह से उन्हें 'स्वीपर कीपर' कहा जाता है. उन्होंने अपने करियर में कई बड़े रिकॉर्ड बनाए हैं.
मेसी समेत कई दिग्गज अब भी मैदान में
क्रिस्टियानो रोनाल्डो के अलावा लियोनेल मेसी भी 39 साल की उम्र में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. मौजूदा वर्ल्ड कप में वह पांच गोल कर चुके हैं, जिसमें एक हैट्रिक भी शामिल है.
इसके अलावा उरुग्वे के फर्नांडो मुस्लेरा, जापान के युतो नागातोमो, मिस्र के महदी सुलेमान, अमेरिका के टिम रीम, अर्जेंटीना के निकोलस ओटामेंडी और न्यूजीलैंड के माइकल बॉक्सॉल जैसे कई अनुभवी खिलाड़ी भी इस वर्ल्ड कप में खेल रहे हैं.
उम्र सिर्फ एक संख्या
फीफा वर्ल्ड कप 2026 ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर फिटनेस, मेहनत और आत्मविश्वास मजबूत हो तो उम्र कभी भी सफलता के रास्ते में रुकावट नहीं बनती. रोनाल्डो, मेसी, मॉड्रिच और दूसरे अनुभवी खिलाड़ी आज भी युवाओं को कड़ी चुनौती दे रहे हैं और दुनिया भर के खेल प्रेमियों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं.
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