ईरान-अमेरिका के बीच भीषण जंग की संभावना! खामेनेई की धमकी के बाद इस एयरबेस को खाली करने में लगा यूएस

    Qatar Al Udeid Air Base: मध्यपूर्व में हालात तेजी से बिगड़ते दिख रहे हैं, जहां ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब गंभीर मोड़ पर पहुँच गया है. ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर हिंसक कार्रवाई और अमेरिका की संभावित दखलअंदाजी के बीच क्षेत्र में सुरक्षा के हालात लगातार जटिल होते जा रहे हैं.

    fierce war between Iran and America US started evacuating Qatar airbase after Khamenei threat
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    Qatar Al Udeid Air Base: मध्यपूर्व में हालात तेजी से बिगड़ते दिख रहे हैं, जहां ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब गंभीर मोड़ पर पहुँच गया है. ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों पर हिंसक कार्रवाई और अमेरिका की संभावित दखलअंदाजी के बीच क्षेत्र में सुरक्षा के हालात लगातार जटिल होते जा रहे हैं. इसी बीच ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को चेतावनी दी है, जबकि कतर स्थित अमेरिकी एयरबेस से कर्मियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है.

    सिनियर ईरानी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अगर वॉशिंगटन ईरान में विरोध प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप करता है, तो ईरान क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करेगा. इसमें सऊदी अरब, यूएई, तुर्की और कतर में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे भी शामिल हैं.

    कतर के अल-उदीद एयरबेस से कुछ सैन्य और गैर-सैन्य कर्मियों को हटाने की प्रक्रिया बुधवार शाम तक शुरू कर दी गई, लेकिन इसे पूर्ण निकासी नहीं कहा जा सकता. इसे "पोश्चर चेंज" या सतर्कता के स्तर में बदलाव बताया गया है, ताकि क्षेत्रीय खतरे का जवाब देने की तैयारी बनी रहे.

    ट्रंप की धमकी और हस्तक्षेप का संकेत

    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा है कि अगर प्रदर्शनकारियों पर अत्याचार जारी रहा या उन्हें फांसी दी गई, तो अमेरिका “बहुत कड़ी कार्रवाई” करेगा. ट्रंप ने ईरानियों से सड़क पर बने रहने और संस्थानों पर दबाव बनाए रखने की अपील भी की.

    इजरायली सूत्रों के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ने ईरान में हस्तक्षेप का निर्णय ले लिया है, हालांकि समय और दायरा फिलहाल स्पष्ट नहीं है. इस बीच, ईरान और अमेरिका के बीच सीधी बातचीत फिलहाल ठप हो गई है, जिससे तनाव और बढ़ गया है.

    प्रदर्शनों की भयावह हकीकत

    मानवाधिकार संगठनों के अनुसार, ईरान में हालिया विरोध प्रदर्शन अब तक लगभग 2600 लोगों की जान ले चुके हैं. यह इस्लामिक शासन के खिलाफ पिछले कई वर्षों में सबसे बड़े विरोध प्रदर्शन माने जा रहे हैं.

    इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सुरक्षा कैबिनेट को भी इस स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया गया है. पिछले साल ईरान और इजरायल के बीच 12 दिन तक चली संघर्ष में अमेरिका भी शामिल रहा था, और अब संकेत हैं कि स्थिति फिर उग्र हो सकती है.

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