यूपी के इस जिले की बदल जाएगी सूरत! करोड़ों रुपये की लागत से सड़कों का होगा निर्माण; प्लान तैयार

Uttar Pradesh Roads: बरसात और बाढ़ के दौरान ग्रामीण इलाकों में सड़कें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं. कई गांवों को जोड़ने वाले मार्ग या तो कट गए हैं या फिर गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं. हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन के लिए जान जोखिम में डालकर इन बदहाल सड़कों से गुजरना पड़ रहा है.

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Uttar Pradesh Roads: बरसात और बाढ़ के दौरान ग्रामीण इलाकों में सड़कें सबसे ज्यादा प्रभावित हुई हैं. कई गांवों को जोड़ने वाले मार्ग या तो कट गए हैं या फिर गहरे गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं. हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को रोजमर्रा के आवागमन के लिए जान जोखिम में डालकर इन बदहाल सड़कों से गुजरना पड़ रहा है. इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए अब सड़कों की हालत सुधारने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है.

जनप्रतिनिधियों की पहल के बाद शासन ने 21 ग्रामीण सड़कों की विशेष मरम्मत के लिए स्वीकृति देते हुए बजट भी जारी कर दिया है. सदर और तुलसीपुर विधानसभा क्षेत्र की इन सड़कों के कायाकल्प पर कुल 12 करोड़ 31 लाख 11 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे.

लोक निर्माण विभाग को मिली पहली किस्त, जल्द शुरू होंगे काम

सड़कों की मरम्मत के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रांतीय और निर्माण खंड को बजट की पहली किस्त मिल चुकी है. विभाग को 5 करोड़ 14 लाख 50 हजार रुपये की राशि जारी कर दी गई है. अधिकारियों के अनुसार शेष धनराशि भी चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध कराई जाएगी.

इस राशि से सड़कों के गड्ढे भरे जाएंगे, क्षतिग्रस्त हिस्सों को दुरुस्त किया जाएगा और आवागमन को सुरक्षित व सुगम बनाया जाएगा. मरम्मत कार्य पूरे होने के बाद ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा.

निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में, चयन होते ही शुरू होगा निर्माण

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता कुमार शैलेंद्र ने बताया कि चयनित सभी सड़कों की मरम्मत के लिए निविदा प्रक्रिया लगभग पूरी कर ली गई है. जैसे ही कार्यदायी संस्था का चयन होगा, मरम्मत कार्य तत्काल शुरू करा दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि विभाग की कोशिश है कि काम तय समयसीमा में पूरा हो, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके.

निर्माण खंड को सौंपी गईं 12 सड़कों की जिम्मेदारी

लोक निर्माण विभाग के निर्माण खंड को कुल 12 सड़कों की विशेष मरम्मत का जिम्मा सौंपा गया है. इनमें प्रमुख रूप से:

  • सरजोतिया वाया नरायनपुर संपर्क मार्ग की मरम्मत पर 1 करोड़ 15 लाख 31 हजार रुपये खर्च होंगे.
  • किशुनपुर ग्रंट संपर्क मार्ग पर 68.77 लाख रुपये लगाए जाएंगे.
  • रामपुर अरना से बभनपुरवा संपर्क मार्ग की मरम्मत 55 लाख रुपये में होगी.
  • गंधौरनगर चौराहा से रानीपुर संपर्क मार्ग पर 85.01 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे.
  • मुहम्मदपुर बंजरहा मार्ग के सुधार पर 57.53 लाख रुपये की लागत आएगी.

इसके अलावा मनकापुर-उतरौला मार्ग पर बनकटवा से सोनापार उदयपुर प्राथमिक पाठशाला, भैरवा मिर्जापुर होते हुए भुलभुलिया संपर्क मार्ग की मरम्मत पर 1 करोड़ 22 लाख 22 हजार रुपये खर्च होंगे. अन्य मार्गों में पीबी मार्ग से मेवईलालपुरवा लुचुइया मार्ग, खगईजोत कालू बनकट मार्ग, जाफराबाद से कुर्मिनडीह संपर्क मार्ग, कपौवा शेरपुर मार्ग, राजघाट सेखुई कला धमौली जुआथान मार्ग और कटरा शंकरनगर मार्ग भी शामिल हैं, जिन पर 40 से 50 लाख रुपये के बीच की राशि खर्च की जाएगी.

प्रांतीय खंड करेगा 9 सड़कों का कायाकल्प

लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड को 9 सड़कों की मरम्मत की जिम्मेदारी दी गई है. इनमें:

  • उतरौला-पचपेड़वा-चंदनपुर मार्ग से मदरहिया संपर्क मार्ग की मरम्मत पर 60.12 लाख रुपये खर्च होंगे.
  • यूपीसी से मोथिवा संपर्क मार्ग पर 65.18 लाख रुपये लगाए जाएंगे.
  • महरी संपर्क मार्ग पर 63.74 लाख रुपये की लागत आएगी.
  • केवलपुर मिश्रौलिया संपर्क मार्ग की मरम्मत 63.83 लाख रुपये में होगी.
  • बहराइच-सिरसिया-तुलसीपुर-गुलरिहा मार्ग पर 91.56 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे.

इसके साथ ही बेला संपर्क मार्ग का निर्माण 1 करोड़ 20 लाख 3 हजार रुपये से किया जाएगा. ललिया-महाराजगंज-रूपनगर मार्ग स्थित लहेरी चौराहा से विजयीडीह संपर्क मार्ग पर 1 करोड़ 13 लाख 35 हजार रुपये खर्च होंगे. जबकि खैरा मार्ग से रजवापुर संपर्क मार्ग और रमईडीह-गुरचाही संपर्क मार्ग की मरम्मत क्रमशः 45.53 लाख और 66.76 लाख रुपये से कराई जाएगी.

ग्रामीणों को मिलेगा सुरक्षित और सुगम आवागमन

इन सड़कों के दुरुस्त होने से न सिर्फ गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से बेहतर होगा, बल्कि स्कूल, अस्पताल, बाजार और ब्लॉक मुख्यालय तक पहुंच भी आसान बनेगी. लंबे समय से खराब सड़कों से परेशान ग्रामीणों को अब जल्द राहत मिलने की उम्मीद है. यह पूरी कवायद ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.

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