पेरिस: ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आक्रामक रुख ने अमेरिका और यूरोप के रिश्तों में नई दरार पैदा कर दी है. ग्रीनलैंड पर अमेरिकी नियंत्रण की बात और इसके विरोध में खड़े देशों पर टैरिफ लगाने की धमकियों के बाद अब यूरोपीय संसद ने कड़ा कदम उठाया है. संसद ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित और पहले से तय मानी जा रही एक अहम व्यापारिक डील की प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया है.
इस फैसले को ट्रंप प्रशासन के हालिया बयानों और टैरिफ चेतावनियों के सीधे जवाब के तौर पर देखा जा रहा है. इससे पिछले साल अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच हुए ट्रांसअटलांटिक व्यापार समझौते के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
पिछले साल हुआ था बड़ा समझौता
जुलाई में अमेरिका और यूरोपीय यूनियन के बीच एक महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौते पर सहमति बनी थी. इस समझौते पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने हस्ताक्षर किए थे. इसका उद्देश्य अमेरिकी टैरिफ को 15 प्रतिशत के स्तर पर स्थिर रखना और दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक रिश्तों में स्थिरता लाना था.
इसके बदले में यूरोपीय संघ की ओर से अमेरिकी निर्यात पर शुल्क घटाने की योजना थी. हालांकि, ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका के हालिया रुख और दबाव की राजनीति ने इस समझौते की बुनियाद को हिला दिया है.
ग्रीनलैंड को लेकर धमकियों से बढ़ा तनाव
ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में संकेत दिए थे कि यदि ग्रीनलैंड पर अमेरिका के प्रस्तावों का विरोध किया गया, तो ऐसे देशों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव डाला जाएगा. राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषणा की कि जो देश ग्रीनलैंड मुद्दे पर अमेरिकी रुख का विरोध कर रहे हैं, उन पर 10 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा.
इन देशों में वे यूरोपीय राष्ट्र भी शामिल हैं, जिन्होंने हाल के दिनों में ग्रीनलैंड क्षेत्र में अपने सैनिक तैनात किए हैं. ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी थी कि यदि ग्रीनलैंड को लेकर कोई “खरीद समझौता” नहीं होता है, तो 1 जून से टैरिफ को 25 प्रतिशत तक बढ़ाया जा सकता है.
यूरोप का सख्त जवाब और चेतावनी
अमेरिकी टैरिफ धमकियों के बाद यूरोप के शीर्ष नेताओं ने खुलकर विरोध दर्ज कराया. यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा ने कहा कि अगर अमेरिका अपने इन फैसलों पर कायम रहता है, तो यूरोपीय यूनियन एकजुट होकर जवाब देगी.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी ट्रंप की नीति पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यूरोप को धमकियों के जरिए झुकाया नहीं जा सकता. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि टैरिफ की राजनीति अस्वीकार्य है और यूरोप अपने हितों की रक्षा करेगा.
स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने भी इसी सुर में बात करते हुए कहा कि यूरोपीय देशों की संप्रभुता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
यूरोपीय संसद ने रोकी ट्रेड डील की प्रक्रिया
राजनीतिक तनाव के बीच यूरोपीय संसद ने अमेरिका के साथ चल रही ट्रेड डील को लेकर औपचारिक प्रक्रिया पर रोक लगा दी है. यूरोपियन पीपल्स पार्टी के प्रमुख मैनफ्रेड वेबर ने कहा कि मौजूदा माहौल में सांसद किसी भी ऐसे समझौते का समर्थन नहीं कर सकते, जिसमें एक पक्ष खुले तौर पर ग्रीनलैंड को लेकर धमकियां दे रहा हो. उनका कहना था कि व्यापारिक साझेदारी आपसी सम्मान और विश्वास पर टिकी होती है, न कि दबाव और चेतावनियों पर.
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