दुनिया के जाने-माने उद्योगपति और स्पेसएक्स के मालिक एलन मस्क ने अंतरिक्ष मिशन को लेकर एक बड़ा इशारा दिया है. उनका कहना है कि अब उनकी कंपनी का मुख्य फोकस चांद पर इंसानों के रहने लायक एक शहर तैयार करने पर है. मस्क मानते हैं कि चंद्रमा पर इंसानी बस्ती बसाना मंगल के मुकाबले ज्यादा आसान और जल्दी पूरा होने वाला प्रोजेक्ट है.
सोशल मीडिया पर किया खुलासा
एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर बताया कि चांद पर यह प्रोजेक्ट 10 साल से भी कम समय में पूरा किया जा सकता है. वहीं, मंगल ग्रह पर पूरी तरह से एक विकसित शहर बसाने में 20 साल या उससे ज्यादा वक्त लग सकता है.
For those unaware, SpaceX has already shifted focus to building a self-growing city on the Moon, as we can potentially achieve that in less than 10 years, whereas Mars would take 20 years.
— Elon Musk (@elonmusk) February 8, 2026
The mission of SpaceX remains the same: extend consciousness and life as we know it to…
मस्क ने लिखा, "SpaceX ने पहले ही चांद पर एक स्वयं-विकसित शहर बनाने पर फोकस शिफ्ट कर दिया है. इसे 10 साल से कम समय में हासिल कर सकते हैं, जबकि मंगल में 20 साल से अधिक का समय लग जाएगा." उनके मुताबिक, फिलहाल मानव सभ्यता के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए चांद ज्यादा व्यावहारिक विकल्प है.
चांद क्यों ज्यादा आसान है?
इसके मुकाबले मंगल मिशन ग्रहों की स्थिति पर निर्भर करता है, जो लगभग हर 26 महीने में अनुकूल होती है. मंगल तक पहुंचने में करीब 6 महीने का समय लगता है. इसी वजह से चांद पर मिशन चलाना ज्यादा तेज और लगातार संभव है.
मंगल मिशन पूरी तरह बंद नहीं
हालांकि एलन मस्क ने साफ किया है कि मंगल को लेकर SpaceX का सपना खत्म नहीं हुआ है. कंपनी मंगल के लिए भी तैयारियां जारी रखेगी.
मस्क के अनुसार, अगले 5 से 7 साल में मंगल पर इंसानों की बस्ती बसाने की दिशा में शुरुआती कदम उठाने का लक्ष्य बना हुआ है.
पहले मस्क 2026 के अंत तक मंगल पर बिना चालक दल वाला मिशन भेजने की बात कह चुके हैं. लेकिन फिलहाल प्राथमिकता चांद को दी जा रही है.
निवेशकों को भी दी गई जानकारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, SpaceX ने अपने निवेशकों को बताया है कि बड़े पैमाने पर मंगल मिशन शुरू करने से पहले चंद्रमा पर फोकस किया जाएगा.
कंपनी का लक्ष्य मार्च 2027 में चांद पर बिना इंसान वाला लैंडिंग मिशन भेजने का है. यह उनके नए रोडमैप का अहम हिस्सा माना जा रहा है.
50 साल से चांद पर नहीं गया कोई इंसान
1972 में अपोलो मिशन के बाद से अब तक कोई भी इंसान चांद की सतह पर नहीं पहुंचा है. अब अमेरिका और चीन दोनों ही चांद पर दोबारा इंसानों को भेजने की तैयारी में लगे हुए हैं. अंतरिक्ष में आगे बढ़ने की होड़ के बीच चंद्रमा को भविष्य की रणनीतिक जगह माना जा रहा है.
ये भी पढ़ें- 'अमेरिका 18% से हार गया, IND-USA मैच के बाद पीयूष गोयल ने लिए सर्जियो गोर के मजे, देखें वीडियो