Eid 2026: ईद-उल-फितर मुस्लिम समुदाय का सबसे खास और खुशी का त्योहार माना जाता है. यह पवित्र रमजान महीने के खत्म होने के बाद मनाया जाता है. पूरे महीने रोजा रखने के बाद जब शव्वाल का चांद दिखाई देता है, तब ईद का ऐलान होता है. इस दिन लोग नमाज अदा करते हैं, नए कपड़े पहनते हैं और एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देते हैं.
ईद-उल-फितर की तारीख पहले से तय नहीं होती, बल्कि यह चांद दिखने पर निर्भर करती है. इस्लामी हिजरी कैलेंडर के अनुसार, रमजान के बाद जब शव्वाल महीने का पहला चांद नजर आता है, तभी ईद मनाई जाती है. इसलिए हर साल ईद की तारीख में एक दिन का अंतर हो सकता है.
खाड़ी देशों में कब मनाई जाएगी ईद?
खाड़ी देशों जैसे सऊदी अरब, पाकिस्तान और संयुक्त अरब अमीरात में चांद भारत से पहले दिखाई देता है. इस बार वहां चांद नजर नहीं आया, जिसके बाद ऐलान किया गया कि इन देशों में 20 मार्च 2026 को ईद-उल-फितर मनाई जाएगी.
भारत में ईद कब होगी?
भारत में आमतौर पर खाड़ी देशों के एक दिन बाद ईद मनाई जाती है. ऐसे में भारत में 20 मार्च की शाम को चांद देखने की कोशिश की जाएगी. अगर उस दिन चांद दिख जाता है, तो देशभर में 21 मार्च 2026 को ईद-उल-फितर मनाई जाएगी.
ईद का महत्व और परंपराएं
ईद का दिन खुशी, भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है. इस दिन सुबह मस्जिदों में खास नमाज अदा की जाती है और अल्लाह का शुक्रिया अदा किया जाता है.
घरों में मीठे पकवान बनाए जाते हैं, खासकर सेवइयां, जो इस त्योहार की पहचान मानी जाती हैं. बच्चे और बड़े सभी नए कपड़े पहनते हैं और एक-दूसरे को ईद की बधाई देते हैं.
ईद के मौके पर जरूरतमंद लोगों की मदद करना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. लोग जकात और फितरा देकर गरीबों की सहायता करते हैं, ताकि हर कोई इस त्योहार की खुशी में शामिल हो सके.
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