गाजा और इजराइल के बीच नहीं थमेगी जंग! इस मुस्लिम देश ने भी मान ली हार; क्या नेतन्याहू से लग रहा डर?

मध्य पूर्व में जारी गाजा संकट को खत्म करने की कोशिशों में अब एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. मिस्र (इजिप्ट), जो अब तक हमास और इजराइल के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है, उसने अब सीजफायर की प्रक्रिया से खुद को अलग कर लिया है.

Egypt back off hands from israel and gaza ceasefire
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मध्य पूर्व में जारी गाजा संकट को खत्म करने की कोशिशों में अब एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. मिस्र (इजिप्ट), जो अब तक हमास और इजराइल के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है, उसने अब सीजफायर की प्रक्रिया से खुद को अलग कर लिया है.

काहिरा की इस रणनीतिक वापसी ने न सिर्फ क्षेत्रीय कूटनीति को प्रभावित किया है, बल्कि यह भी साफ कर दिया है कि इजराइल और मिस्र के रिश्ते मौजूदा हालात में काफी तनावपूर्ण हो चुके हैं.

बातचीत में क्यों टूटा भरोसा?

मिस्र की खुफिया एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि काहिरा और तेल अवीव के बीच अब कोई औपचारिक संवाद नहीं रह गया है. हालिया दौर की वार्ताएं भी नतीजे तक नहीं पहुंच पाईं. Middle East Eye की रिपोर्ट के मुताबिक, मिस्र ने कई बार युद्धविराम के लिए इजराइल से सीधी बातचीत की, लेकिन हर बार उसे सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले. इसी असहयोग और एकतरफा रवैये से काहिरा ने खुद को बातचीत से अलग करने का फैसला लिया.

मिस्र को डर है पलायन से बिगड़ सकती है सीमाई सुरक्षा

इजिप्ट की सबसे बड़ी चिंता यह है कि अगर इजराइल के हमले तेज होते हैं तो गाजा से हजारों-लाखों की संख्या में लोग मिस्र के सीनाई क्षेत्र में पलायन कर सकते हैं. इससे वहां अराजकता और सुरक्षा संकट खड़ा हो सकता है. इसी जोखिम को देखते हुए अगस्त में मिस्र ने गाजा सीमा पर 40,000 जवानों की तैनाती कर दी थी, ताकि सीमा पार अवैध घुसपैठ को रोका जा सके.

काहिरा की अब तक की भूमिका

कूटनीतिक मध्यस्थता में अग्रणी: दशकों से मिस्र हमास और इजराइल के बीच संघर्ष में एक प्रमुख मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है. अमेरिका और कतर के साथ तालमेल: मिस्र ने कतर और अमेरिका के साथ मिलकर युद्धविराम, मानवीय सहायता और बंधकों की रिहाई जैसे मसलों पर सामूहिक दबाव बनाने की कोशिश की थी. मगर अमेरिका ने हर मौके पर इजराइल का समर्थन किया. सीमा नियंत्रण की जिम्मेदारी: गाजा सीमा पर मिस्र की भूमिका रणनीतिक रूप से बेहद अहम रही है.

इजराइल की मंशा और मिस्र की चेतावनी

खुफिया सूत्रों के अनुसार, इजराइल चाहता है कि 7 अक्टूबर 2025 से पहले गाजा सिटी पर पूरी तरह से कब्जा करके वहां इजराइली झंडा फहराया जाए. यह तारीख नेतन्याहू सरकार के लिए प्रतीकात्मक रूप से अहम मानी जा रही है. मगर दूसरी तरफ, मिस्र को आशंका है कि इजराइल इस अभियान के नाम पर फिलीस्तीनियों को जबरन सीनाई रेगिस्तान की ओर धकेलने की योजना बना रहा है. इस पर काहिरा ने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है:अगर इजराइल ने सीमा पार करने की कोशिश की, तो मिस्र की सेना माकूल जवाब देगी  जरूरत पड़ी तो युद्ध में भी उतरेगी.

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