Elvish Yadav: यूट्यूब और पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री से जुड़े चर्चित नाम अब कानून के घेरे में हैं. मशहूर यूट्यूबर एल्विश यादव और पंजाबी सिंगर राहुल यादव उर्फ फाजिलपुरिया के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुग्राम स्थित पीएमएलए की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की है. इस केस में दोनों को वन्यजीव अपराध से जुड़े धन शोधन (Money Laundering) का आरोपी बताया गया है.
यह मामला कोई आम विवाद नहीं, बल्कि सांपों और छिपकलियों जैसे संरक्षित जीवों के अवैध इस्तेमाल से जुड़ा है, जो अब न सिर्फ वन्यजीव संरक्षण कानून, बल्कि मनी लॉन्ड्रिंग के तहत भी गंभीर रूप ले चुका है.
ईडी की चार्जशीट से सामने आए अहम खुलासे
सूत्रों के मुताबिक, ईडी ने अपनी जांच में पाया कि गायक फाजिलपुरिया ने अपने चर्चित गाने '32 बोर' से करीब 52 लाख रुपये की कमाई की थी. इस रकम से उन्होंने उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में करीब 3 एकड़ जमीन खरीदी, जिसकी कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई गई है. जांच एजेंसी ने इस संपत्ति को जब्त कर लिया है, क्योंकि माना जा रहा है कि यह संपत्ति अवैध कमाई से अर्जित की गई.
इसके अलावा, एल्विश यादव और फाजिलपुरिया के बैंक खातों से 3 लाख रुपये और स्काई डिजिटल कंपनी के खाते से 2 लाख रुपये भी जब्त किए गए हैं. ये फंड भी संदिग्ध ट्रांजैक्शनों के तौर पर जांच के घेरे में हैं.
सांपों के साथ शूटिंग बनी बड़ी भूल?
इस पूरे विवाद की जड़ में एक गाने की शूटिंग है, जिसमें जिंदा सांपों और छिपकलियों का इस्तेमाल किया गया था. वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत यह स्पष्ट रूप से अवैध है. बताया गया है कि शूटिंग के दौरान इन जानवरों का उपयोग कर न सिर्फ कानून तोड़ा गया, बल्कि इसे एक मनोरंजन का माध्यम बना दिया गया, जो गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है.
अदालत की अगली कार्रवाई क्या होगी?
गुरुग्राम की पीएमएलए विशेष अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए एल्विश यादव, फाजिलपुरिया और अन्य आरोपियों को तलब करने का निर्णय लिया है. जल्द ही इन्हें अदालत में पेश होने का आदेश जारी किया जाएगा, जिसके बाद आगे की कार्रवाई शुरू होगी.
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