इजरायल में नहीं बंद होगी गोलियों की गूंज, अब IDF ने वेस्ट बैंक में शुरू किया ये मिशन

IDF In West Bank: इजरायली सेना ने बुधवार, 26 नवंबर 2025 को वेस्ट बैंक के उत्तर में एक नए “आतंकवाद विरोधी अभियान” की शुरुआत की घोषणा की. सेना और आंतरिक सुरक्षा सेवा (Shin Bet) के संयुक्त बयान में कहा गया कि इस अभियान का लक्ष्य उत्तरी सामरिया क्षेत्र में आतंकवाद के खतरों को नियंत्रित करना है.

echo of bullets will not stop in Israel IDF starts anti-terrorism operation in West Bank
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IDF In West Bank: इजरायली सेना ने बुधवार, 26 नवंबर 2025 को वेस्ट बैंक के उत्तर में एक नए “आतंकवाद विरोधी अभियान” की शुरुआत की घोषणा की. सेना और आंतरिक सुरक्षा सेवा (Shin Bet) के संयुक्त बयान में कहा गया कि इस अभियान का लक्ष्य उत्तरी सामरिया क्षेत्र में आतंकवाद के खतरों को नियंत्रित करना है. गौरतलब है कि सामरिया शब्द बाइबिल में वेस्ट बैंक के उस क्षेत्र को दर्शाने के लिए प्रयोग किया जाता है, जिसे इजरायल लंबे समय से नियंत्रित करता आ रहा है.

इजरायली सेना ने स्पष्ट किया कि यह अभियान जनवरी 2025 में शुरू किए गए आतंकवाद विरोधी अभियानों का हिस्सा नहीं है. जनवरी अभियान मुख्य रूप से फिलिस्तीनी शरणार्थी शिविरों और संभावित उग्रवादी ठिकानों पर केंद्रित था. वहीं, यह नया अभियान अलग रणनीति और लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ेगा, और इसमें उत्तरी वेस्ट बैंक के गांवों, कस्बों और सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी.

वेस्ट बैंक में हालात और हिंसा की लगातार बढ़ती लकीर

वेस्ट बैंक पर इजरायल का कब्जा 1967 से है. हालांकि, अक्टूबर 2023 में हमास द्वारा इजरायल पर किए गए हमलों और उसके बाद गाजा युद्ध के फैलने के बाद क्षेत्र में हिंसा और तनाव लगातार बढ़ गया है. गाजा में लागू सीजफायर (10 अक्टूबर से) के बावजूद वेस्ट बैंक में सुरक्षा स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है.

फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, युद्ध की शुरुआत के बाद से वेस्ट बैंक में इजरायली सैनिकों और वहां बसने वाले इजरायलियों द्वारा 1,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं. इनमें कुछ उग्रवादी तो हैं, लेकिन बड़ी संख्या में आम नागरिक भी शामिल हैं. वहीं, इजरायली अधिकारियों के मुताबिक फिलिस्तीनी हमलों और इजरायली सैन्य अभियानों में कम से कम 44 इजरायली सैनिक और नागरिक भी मारे गए हैं.

नए अभियान के उद्देश्य और रणनीति

इजरायली सेना का कहना है कि नया ऑपरेशन आतंकवाद के सभी संभावित स्रोतों को निशाना बनाएगा. सेना ने इसे “व्यापक और संगठित अभियान” बताया, जिसमें जमीन और हवाई दोनों मोर्चों से गतिविधियां शामिल होंगी. अधिकारियों ने यह भी कहा कि अभियान का मकसद आम जनता को किसी भी तरह की अनावश्यक हिंसा से बचाना है, लेकिन सुरक्षा बलों ने यह साफ किया कि अभियान के दौरान आतंकवादियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम के पीछे इजरायल की चिंता यह है कि वेस्ट बैंक में उग्रवादी समूहों का लगातार बढ़ता प्रभाव सुरक्षा और राजनीतिक स्थिरता के लिए खतरा बन रहा है. साथ ही, उत्तरी सामरिया में नए ठिकानों और हथियार आपूर्ति की रोकथाम भी अभियान की प्राथमिकता में शामिल है.

मानवाधिकार और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण

इस नए अभियान के साथ ही अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंताएं भी बढ़ गई हैं. कई मानवाधिकार संगठनों ने इजरायली सैन्य कार्रवाई के दौरान सामान्य नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता जताई है. उनका कहना है कि वेस्ट बैंक में हर हिंसात्मक कार्रवाई के साथ आम लोगों के जीवन और रोजमर्रा की सुरक्षा प्रभावित होती है.

फिलिस्तीनी नेताओं ने इस अभियान की आलोचना करते हुए कहा है कि यह केवल उग्रवाद को बढ़ावा देने वाली स्थितियों को रोकने की बजाय क्षेत्र में तनाव और हिंसा को बढ़ावा देगा. वहीं, इजरायली अधिकारियों का कहना है कि यह कदम देश की सुरक्षा और नागरिकों के जीवन की रक्षा के लिए अनिवार्य है.

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