भारत24 के सीईओ और एडिटर इन चीफ डॉ. जगदीश चंद्र ने मीडिया जगत में अकल्पनीय 15 वर्ष पूरे कर लिए हैं। डेढ़ दशक का अद्भुत सफर पूरा होने के मौके पर शुक्रवार को नोएडा स्थित भारत24 के हेड ऑफिस में जश्न का माहौल देखने को मिला. चैनल की वाइस प्रेसिडेंट और मीडिया जगत की स्टार एंकर रुबिका लियाकत ने श्री चंद्र को गुलदस्ता देकर स्वागत किया. इस अवसर को चैनल के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भी केक काटकर यादगार बनाया गया.
डेढ़ दशक के शानदार साल पूरे होने पर चैनल की वाइस प्रेसिडेंट रुबिका लियाकत ने कहा कि देश के चार महत्वपूर्ण स्तंभों में से दो में काम करने का मौका बहुत कम लोगों को मिलता है। एक एग्जीक्यूटिव यानी आईएएस और दूसरा मीडिया. इन दोनों कंधों पर देश मजबूती से खड़ा है. डॉ.जगदीश चंद्र ने उन दोनों महत्वपूर्ण स्तंभों को मजबूती से क्रियान्वित किया है। आज उन्हें मीडिया में 15 साल पूरे हो गए हैं. रुबिका लियाकत ने कहा कि अगर आप किसी से भी उनके चरित्र के बारे में पूछेंगे तो वे कहेंगे कि जगदीश चंद्र एक राजा की तरह रहते हैं, वह चाहते हैं कि जो भी उनके साथ हो वह राजा की तरह जिए। जब किसी किताब का पन्ना खुलता है तो उसके दो चरण होते हैं। एक तो खुद जगदीश चंद्र और दूसरे वो जो उनसे जुड़े हैं. दोनों चरण समान रूप से दिखाई देते हैं. जो इन दोनों चरणों को जानता है और अध्ययन करता है वह समझता है कि कम से कम एक बार डॉ.जगदीश चंद्र के साथ काम करना जरूरी है.
रुबिका लियाकत ने आगे कहा कि अभी तो 15 साल ही हुए हैं. मीडिया उद्योग के लिए आने वाले कई और अनुकूल वर्ष हैं. इससे मीडिया इंडस्ट्री में काम करने वालों को भी सीख मिलती है कि उन्हें उनके साथ एक बार जरूर काम करना चाहिए. क्योंकि हम उनसे जो कुछ भी सीखते हैं वह बहुत अनोखा होता है.
इस मौके पर डॉ.जगदीश चंद्रा ने कहा कि हमने सोचा नहीं था कि जिंदगी में दो अहम किरदार निभाएंगे. मोटे तौर पर कहें तो अगर सब कुछ ठीक रहा तो मैं मीडिया जगत को कम से कम कुछ और साल दे सकता हूं. जब मैं स्टूडेंट था, उस दौरान मैंने एमकॉम में गोल्ड मेडल लिया था। इसके बाद मैंने प्रशासनिक सेवा में टॉप किया। मैंने वहां लगभग 30 वर्षों तक सेवा की। इसके बाद साल 2008 में 1 सितंबर को मैनें मीडिया जगत में कदम रखा.
डॉ. जगदीश चंद्र ने कहा कि मीडिया में आने के बाद उन्हें श्री रामोजी राव का आशीर्वाद मिला और अपने माता-पिता के आशीर्वाद से वह ईटीवी में गए और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. मैंने ईटीवी में 9 साल तक काम किया. कुल मिलाकर, नौ वर्षों में मैंने 16 राज्यों में 16 ईटीवी चैनल खोले. इसके बाद मैंने ज़ी मीडिया में अपना सफर शुरू किया. वहां मैंने डॉ. सुभाष चंद्रा जी के साथ काम किया. इसके बाद मैं फर्स्ट इंडिया आ गया और वीरेंद्र चौधरी जी के साथ अपना सफर शुरू किया. अब मैं पिछले एक साल से देश के राष्ट्रीय हिंदी न्यूज चैनल भारत24 से जुड़ा हूं. उन्होंने चैनल के अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत 24 को देश का नंबर वन न्यूज चैनल बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है. अंत में, मैं कहना चाहता हूं कि मेरे 15 वर्षों के अद्भूत सफर में जिन-जिन लोगों का मुझे साथ मिला, मैं उन सभी लोगों के प्रति अपना आभार व्यक्त करता हूं.