बिहार के स्कूलों में डिजिटल क्रांति की शुरुआत, 50,000 स्मार्ट क्लासरूम बनाएगी सरकार

Smart Classroom Bihar: बिहार सरकार अब राज्य के बच्चों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ डिजिटल और स्मार्ट शिक्षा से भी जोड़ने की दिशा में बड़ी पहल कर रही है. राज्य के 25,000 मध्य विद्यालयों में अब दो-दो स्मार्ट क्लासरूम तैयार किए जाएंगे. यानी आने वाले महीनों में कुल 50,000 स्मार्ट क्लासरूम की सुविधा छात्रों को मिलने जा रही है.

Digital revolution begins in Bihar schools government will build 50000 smart classrooms
Image Source: Social Media

Smart Classroom Bihar: बिहार सरकार अब राज्य के बच्चों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ डिजिटल और स्मार्ट शिक्षा से भी जोड़ने की दिशा में बड़ी पहल कर रही है. राज्य के 25,000 मध्य विद्यालयों में अब दो-दो स्मार्ट क्लासरूम तैयार किए जाएंगे. यानी आने वाले महीनों में कुल 50,000 स्मार्ट क्लासरूम की सुविधा छात्रों को मिलने जा रही है.

बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है, और उम्मीद है कि अक्टूबर से कार्यान्वयन भी शुरू हो जाएगा.

क्या-क्या होगा स्मार्ट क्लासरूम में?

प्रत्येक स्मार्ट क्लास को 2 डिजिटल टीवी, एक कंप्यूटर सिस्टम और ऑडियो-वीडियो टूल्स और अन्य आवश्यक उपकरण मिलेंगे. इसके अलावा, सप्लाई करने वाली एजेंसी को 3 साल की अतिरिक्त वारंटी और 2 साल की स्टैंडर्ड वारंटी देनी होगी, जिससे रखरखाव और तकनीकी सहायता में कोई दिक्कत न आए.

जिलों में होंगे स्मार्ट स्कूल तैयार

जिला स्तर पर इस योजना से 200 से अधिक मध्य विद्यालयों को लाभ मिलेगा. कक्षा 6 से 8 के छात्रों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि प्रारंभिक स्तर से ही डिजिटल शिक्षा का लाभ मिल सके.

हालांकि फिलहाल जिले के 285 हाई स्कूलों में ही उन्नत स्मार्ट क्लासेस हैं, जबकि सिर्फ 96 मध्य विद्यालयों में ये सुविधा उपलब्ध है. ऐसे में यह योजना शिक्षा में असमानता को दूर करने में भी सहायक होगी.

शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद

स्मार्ट क्लासरूम के ज़रिए पढ़ाई का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है. डिजिटल कंटेंट, ऑडियो-विजुअल सहायता और तकनीक आधारित लर्निंग से छात्रों की रुचि बढ़ेगी. साथ ही समय की बचत और शिक्षा का गुणवत्ता स्तर ऊपर जाएगा. शिक्षकों को भी डिजिटल टूल्स से पढ़ाने में आसानी होगी, जिससे वे कठिन विषयों को भी रोचक ढंग से समझा सकेंगे.

स्मार्ट क्लास हैं, लेकिन उपयोग नहीं हो रहा

एक तरफ सरकार स्मार्ट क्लासेस बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर जिला शिक्षा विभाग की रिपोर्ट चिंताजनक है. रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 60% स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा होने के बावजूद उनका सही उपयोग नहीं हो रहा है.

कुछ स्कूलों में शिक्षक इन्हें सक्रिय रूप से इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन कई जगह अनभिज्ञता, प्रशिक्षण की कमी या तकनीकी दिक्कतें सामने आ रही हैं. ऐसे में शिक्षा विभाग को एक निगरानी टीम गठित करने की सिफारिश की गई है, ताकि इन संसाधनों का सदुपयोग सुनिश्चित किया जा सके.

यह भी पढ़ें- IND vs PAK: पाकिस्तान की धुनाई करते ही इस क्लब में हुई सूर्यकुमार यादव की एंट्री, किंग कोहली से निकले आगे