जब देवीलाल ने गवर्नर को जड़ दिया था थप्पड़, राजनीतिक गलियारों में आज भी सुनाई देती है इसकी गूंज

Devi Lal Birth Anniversary: चौधरी देवीलाल हरियाणा के ही नहीं, बल्कि देश के उन राजनेताओं में शुमार हैं, जिनके बगैर भारतीय राजनीति की कल्पना करना संभव नहीं है.

जब देवीलाल ने गवर्नर को जड़ दिया था थप्पड़, राजनीतिक गलियारों में आज भी सुनाई देती है इसकी गूंज

Devi Lal Birth Anniversary: हरियाणा के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी देवी लाल की आज (25 सितंबर) को जयंती है. सोमवार को हरियाणा में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए. देवी लाल वह कद्दावर नेता थे, जिनकी चर्चा हरियाणा की राजनीति में बेहद प्रासंगिक है.

ठुकराया था पीएम का पद

अपनी तरह के अलग नेता देवीलाल ने जो साख बनाई और राजनीति में नाम कमाया, वह अद्भुत है. कभी वह पीएम पद के दावेदारों में शुमार हो गए थे और कुल मिलाकर यह कह सकते हैं उन्होंने प्रधानमंत्री का पद ठुकरा तक दिया था.

हुआ यूं कि उन्होंने खुद प्रधानमंत्री बनने से इन्कार कर दिया था। दरअसल, प्रतिद्वंद्वी चंद्रशेखर को प्रधानमंत्री बनने से रोकने के लिए विश्वनाथ प्रताप सिंह द्वारा बनाई गई चाल में वह फंस गए थे. संसदीय दल का चुनाव हुआ तो पीएम पद के लिए सांसदों ने देवीलाल को चुना. पूरा मामला 1989 का है

25 सितंबर, 1914 को हरियाणा में जन्में देवीलाल ने बीपी सिंह को यह जिम्मेदारी दे दी. इसके बाद वीपी सिंह पीएम तो बन गए, लेकिन यह सरकार ज्यादा दिनों तक नहीं चली और कुछ महीनों के बाद चंद्रशेखर ने कांग्रेस की मदद से सरकार बनाई और उसमें देवीलाल उपप्रधानमंत्री बने.

राज्यपाल को मार दिया था थप्पड़

यह घटना भी राजनीति की अजीब घटनाओं में शामिल है. 1982 हरियाणा विधानसभा का चुनाव हुआ था. 90 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस को 36 सीटें मिली थीं और राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनी. उधर, भारतीय राष्ट्रीय लोक दल का भारतीय जनता पार्टी से चुनावी गठबंधन था और उसे 37 सीटें हासिल हुए थीं. 

वहीं, हरियाणा के तत्कालीन राज्यपाल गणपतराव देवजी तपासे ने पहले देवीलाल को 22 मई, 1982 को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया है. अचानक भजनलाल एक्टिव हुए और उन्हें कांग्रेस और निर्दलियों को घोषित कर दिया गया. इसके साथ ही कांग्रेस के पास बहुमत के लिए जरूरी 52 विधायकों का समर्थन मिल गया। 


शपथ ग्रहण के दौरान चौधरी देवी लाल मंच पर पहुंच और उन्होंने राज्यपाल गणपतराव देवजी तपासे थप्पड़ जड़ दिया और मंच से उतर आए. कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने यह घटना अपनी आंखों से देखी और तब से यह चर्चा में है.