Strait of Hormuz: फेल हुई अमेरिका की नाकाबंदी! सीना तानकर निकला चीन का टैंकर, अब क्या करेंगे ट्रंप?

होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका द्वारा बनाई गई सख्त निगरानी और नाकाबंदी को बड़ा झटका लगा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की अनुमति के बाद चीन का एक मालवाहक जहाज़ इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से बिना किसी रुकावट के गुजर गया.

Despite US blockade in Hormuz Chinese tanker safely passes Iran
प्रतिकात्मक तस्वीर/ AI

Strait of Hormuz: होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका द्वारा बनाई गई सख्त निगरानी और नाकाबंदी को बड़ा झटका लगा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की अनुमति के बाद चीन का एक मालवाहक जहाज़ इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से बिना किसी रुकावट के गुजर गया. खास बात यह रही कि इस जहाज़ पर मेथेनॉल लदा हुआ था और उस पर पहले से अमेरिकी प्रतिबंध भी लागू थे, इसके बावजूद अमेरिका उसे रोकने में सफल नहीं हो पाया.

ईरान की मंजूरी के बाद पार हुआ रास्ता

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमवार 13 अप्रैल को चीनी टैंकर “रिच स्टारी” केशम द्वीप के पास देखा गया. शुरुआत में इस जहाज़ को कुछ समय के लिए रोका गया, लेकिन बाद में इसे आगे बढ़ने की अनुमति दे दी गई.

इसके बाद यह टैंकर होर्मुज जलडमरूमध्य पार करते हुए आगे बढ़ गया और मंगलवार सुबह ओमान की खाड़ी में नजर आया. यही वह इलाका है जहां अमेरिका ने अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाकर निगरानी और दबाव की रणनीति अपनाई हुई है.

दो कोशिशों के बाद मिली सफलता

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस जहाज़ ने पहली बार में होर्मुज पार करने की कोशिश की थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सका. इसके बाद दूसरे प्रयास में इसे रास्ता मिल गया और यह आसानी से आगे बढ़ गया.

यह टैंकर चीन के एक बंदरगाह की ओर जा रहा था. जानकारी के मुताबिक, “रिच स्टारी” नाम की कंपनी चीन से जुड़ी है. पहले इस कंपनी का नाम “फुल स्टार” था और यह हांगकांग के झंडे के तहत संचालित होती थी, लेकिन अब यह जहाज़ चीनी ध्वज के साथ चल रहा है.

चीन की सख्त चेतावनी

इस घटनाक्रम से पहले चीन की ओर से अमेरिका को स्पष्ट संदेश दिया गया था. चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून ने कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य के मामलों में बाहरी दखल स्वीकार नहीं किया जाएगा.

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान के साथ चीन के व्यापार और ऊर्जा समझौते हैं, इसलिए इन गतिविधियों में किसी प्रकार की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

अमेरिका की रणनीति क्या है?

अमेरिका के सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, उसने अरब सागर और ओमान की खाड़ी में अपने युद्धपोत तैनात कर रखे हैं. इस तैनाती का उद्देश्य होर्मुज से गुजरने वाले जहाज़ों की निगरानी और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई करना है.

अमेरिका का कहना है कि यह कदम ईरान पर दबाव बनाने के लिए उठाया गया है, ताकि उसे बातचीत के लिए मजबूर किया जा सके और वह परमाणु हथियार कार्यक्रम को लेकर स्पष्ट रुख अपनाए.

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