Noida Protest: नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में हाल ही में हुए श्रमिक प्रदर्शन और हिंसा के बाद अब स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में दिखाई दे रही है. प्रशासन और पुलिस की सख्ती के चलते शहर में शांति बनाए रखने की कोशिश की जा रही है.
घटनाओं के बाद सरकार ने भी त्वरित कदम उठाते हुए न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी की घोषणा की है. मजदूरों की प्रमुख मांगों को ध्यान में रखते हुए वेतन में अधिकतम 3000 रुपये तक का इजाफा किया गया है, जिसे 1 अप्रैल 2026 से लागू कर दिया गया है. इसे हालात शांत करने की दिशा में एक अहम फैसला माना जा रहा है.
औद्योगिक इलाकों में कड़ी सुरक्षा
हिंसा के अगले दिन सुबह से ही नोएडा के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों- फेज-2, सेक्टर 63, सेक्टर 58 और इकोटेक-3 में भारी पुलिस बल तैनात किया गया.
कंपनियों के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और प्रमुख सड़कों व चौराहों पर पुलिस लगातार निगरानी कर रही है. किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस गश्त तेज कर दी गई है और अधिकारी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं.
90 से ज्यादा लोग हिरासत में, 200 की पहचान
हिंसा के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए बड़ी संख्या में लोगों को हिरासत में लिया है. सोमवार रात 30 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि पहले से ही 60 लोग पुलिस की गिरफ्त में थे.
इसके अलावा करीब 200 लोगों की पहचान की जा चुकी है, जो पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी जैसी घटनाओं में शामिल थे. पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है और आगे भी कार्रवाई जारी रहने की बात कही गई है.
बंद रहीं अधिकांश कंपनियां
सुरक्षा कारणों को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही जिले की कई कंपनियों को बंद रखने का निर्देश दिया था. इसके चलते औद्योगिक गतिविधियां काफी हद तक ठप रहीं.
करीब 95 प्रतिशत कंपनियां बंद रहीं, जबकि कुछ स्थानों पर सीमित कामकाज ही हो पाया. कई कंपनियों ने एहतियात के तौर पर कर्मचारियों को छुट्टी दे दी, जिससे उत्पादन पर भी असर पड़ा.
सरकार ने बढ़ाया न्यूनतम वेतन
मजदूरों के विरोध के बीच सरकार ने उनकी मांगों को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है. न्यूनतम वेतन में करीब 1000 से 3000 रुपये तक की बढ़ोतरी की गई है.
अधिकारियों का कहना है कि इससे हजारों श्रमिकों को सीधा लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा. यह कदम आंदोलन को शांत करने और श्रमिकों को राहत देने के उद्देश्य से उठाया गया है.
बातचीत के जरिए समाधान की कोशिश
स्थिति को पूरी तरह सामान्य करने के लिए प्रशासन ने संवाद का रास्ता अपनाया है. करीब 70 कंपनियों के श्रमिकों को बातचीत के लिए बुलाया गया है, ताकि उनकी बाकी मांगों पर भी चर्चा की जा सके.
अधिकारियों का मानना है कि बातचीत के माध्यम से ही स्थायी समाधान निकाला जा सकता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है.
कई इलाकों में हालात सामान्य
फेज-2 समेत कई औद्योगिक क्षेत्रों में आज स्थिति सामान्य रही. जहां एक दिन पहले सैकड़ों मजदूर सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं अब कंपनियों के बाहर माहौल शांत दिखाई दिया.
सड़कों पर यातायात भी सामान्य रहा. भंगेल एलिवेटेड रोड पर भी ट्रैफिक सुचारू रूप से चलता दिखा, जिससे लोगों को राहत मिली. हालांकि, एहतियात के तौर पर कुछ जगहों पर रूट डायवर्जन अभी भी लागू है.
अतिरिक्त सतर्कता, खास मौके पर बढ़ी सुरक्षा
डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के अवसर पर भी शहर में पुलिस की सतर्कता और बढ़ा दी गई है. संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है.
कुछ स्थानों पर आज फिर से मजदूरों के जुटने की कोशिश देखी गई, लेकिन पुलिस की तत्परता के चलते उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया गया.
जहां भी भीड़ इकट्ठा हुई, वहां तुरंत पुलिस पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में कर लिया.
पुलिस की अपील
नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें. उन्होंने कहा कि सरकार ने मजदूरों की समस्याओं को गंभीरता से लिया है और कई मांगों पर निर्णय भी लिया जा चुका है.
बाकी मुद्दों पर बातचीत जारी है और जल्द ही समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है.
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