देवरिया मेडिकल कॉलेज की टंकी में मिली सड़ी हुई लाश, मरीजों ने पिया 'मौत' का पानी, जांच के आदेश जारी

Deoria Medical College: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है. महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में पीने की पानी की टंकी से एक सड़ी-गली लाश बरामद हुई है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है.

Deoria Medical College dead body found in water tank
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Deoria Medical College: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से एक बेहद चौंकाने वाली और चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है. महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में पीने की पानी की टंकी से एक सड़ी-गली लाश बरामद हुई है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है. यह शव कॉलेज की ओपीडी बिल्डिंग की पांचवीं मंजिल पर स्थित टंकी में मिला, जिससे मरीजों को कई दिनों तक वही पानी पीना पड़ा. मामला सामने आने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और जांच तेज कर दी गई है.

कैसे खुला राज?

सोमवार को मरीजों और उनके तीमारदारों ने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से शिकायत की कि पीने के पानी से अजीब सी बदबू आ रही है. इसके बाद कॉलेज प्राचार्य ने सफाईकर्मियों को टंकी की सफाई के निर्देश दिए. लेकिन जब कर्मचारी सफाई के लिए टंकी के अंदर पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर उनके होश उड़ गए—टंकी में एक इंसानी लाश सड़ी-गली हालत में पड़ी थी.

शव की हालत बेहद खराब

शव पूरी तरह नग्न अवस्था में और बुरी तरह सड़ चुका था, जिससे उसकी पहचान करना संभव नहीं हो सका. अनुमान लगाया जा रहा है कि मृतक की उम्र लगभग 45 वर्ष रही होगी. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है.

डीएम और पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे

घटना की गंभीरता को देखते हुए देवरिया की जिलाधिकारी दिव्या मित्तल और एसपी संजीव सुमन खुद मौके पर पहुंचे. उन्होंने ओपीडी बिल्डिंग की टंकी का निरीक्षण किया और टंकी को तत्काल प्रभाव से सील करने के निर्देश दिए. डीएम ने मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की है, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी, सीआरओ और एसीएमओ को शामिल किया गया है.

शासन ने की सख्त कार्रवाई, प्रिंसिपल को हटाया

इस लापरवाही के चलते उत्तर प्रदेश शासन ने सख्त कदम उठाया है. मेडिकल कॉलेज के तत्कालीन प्रिंसिपल डॉ. राजेश कुमार बरनवाल को उनके पद से हटा दिया गया है. उनकी जगह अब डॉ. रजनी आचार्य को कार्यवाहक प्रिंसिपल नियुक्त किया गया है. साथ ही शासन ने डीएम दिव्या मित्तल को निर्देश दिए हैं कि इस मामले की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित की जाए.

सबसे बड़ा सवाल: लाश पहुंची कैसे?

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यही है कि मेडिकल कॉलेज के सबसे ऊपरी फ्लोर पर बनी पानी की टंकी तक एक लाश आखिर पहुंची कैसे? क्या यह हत्या का मामला है या फिर कोई लापरवाही से हुई दुर्घटना? इन सवालों के जवाब फिलहाल जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे, लेकिन यह घटना न केवल प्रशासन के लिए बल्कि आम नागरिकों के लिए भी चिंता का विषय बन गई है.

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