नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को यहां जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में एक कार्यक्रम के दौरान दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण के तहत दो अतिरिक्त कॉरिडोर की आधारशिला रखी.
पीएम मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक परिवहन बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बुधवार को परियोजना के चरण-IV के तहत दो नए गलियारों को मंजूरी देकर दिल्ली मेट्रो के विस्तार को हरी झंडी दे दी है.
एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, दो स्वीकृत कॉरिडोर, अर्थात लाजपत नगर से साकेत जी-ब्लॉक और इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ लाइन, दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में मेट्रो कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
परियोजना की कुल लागत 8,399 करोड़ रुपये अनुमानित है, जो भारत सरकार, दिल्ली सरकार और अंतरराष्ट्रीय फंडिंग एजेंसियों से प्राप्त की जाएगी.
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8 स्टेशन वाला लाजपत नगर से साकेत जी ब्लॉक तक का रूट
20.762 किलोमीटर की कुल लंबाई वाले इन गलियारों का लक्ष्य शहर के विभिन्न हिस्सों में यात्रियों को निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करना है.
लाजपत नगर से साकेत जी-ब्लॉक कॉरिडोर, जो 8.385 किलोमीटर तक फैला है, पूरी तरह से ऊंचा होगा और इसमें 8 स्टेशन शामिल होंगे. ये गलियारे आठ नए इंटरचेंज स्टेशनों की स्थापना का भी गवाह बनेंगे, जो रणनीतिक रूप से इंद्रलोक, नबी करीम, नई दिल्ली, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, लाजपत नगर, चिराग दिल्ली और साकेत जी ब्लॉक जैसे प्रमुख स्थानों पर स्थित हैं.
इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ मेट्रो रूट पर होंगे 10 स्टेशन
इस बीच, 12.377 किलोमीटर की दूरी तय करने वाले इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ कॉरिडोर में 11.349 किलोमीटर भूमिगत लाइनें और 1.028 किलोमीटर एलिवेटेड लाइनें शामिल होंगी, जिसमें कुल 10 स्टेशन होंगे.
इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ लाइन का एक मुख्य आकर्षण हरियाणा के बहादुरगढ़ क्षेत्र से इसकी बढ़ी हुई कनेक्टिविटी है.
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मध्य और पूर्वी दिल्ली तक लोगों की होगी सीधी पहुंच
ग्रीन, रेड, येलो, एयरपोर्ट, मैजेंटा, वॉयलेट, पिंक और ब्लू लाइनों सहित अन्य मेट्रो लाइनों के साथ निर्बाध इंटरचेंज सुविधाओं के कारण इन क्षेत्रों के यात्रियों को मध्य और पूर्वी दिल्ली तक सीधी पहुंच से लाभ होगा.
इन इंटरचेंज स्टेशनों से दिल्ली मेट्रो नेटवर्क की सभी परिचालन लाइनों के बीच इंटरकनेक्टिविटी में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है.
टेंडर की तैयारी शुरू कर चुकी, 2026 तक बनने की उम्मीद
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (डीएमआरसी) ने बोली-पूर्व गतिविधियां और निविदा दस्तावेज तैयार करना पहले ही शुरू कर दिया है.
इन नए गलियारों का निर्माण चरणों में मार्च 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है, जिससे दिल्ली मेट्रो की उपलब्धि में एक और उपलब्धि जुड़ जाएगी, जो पहले से ही विश्व स्तर पर सबसे तेजी से बढ़ते मेट्रो नेटवर्क में से एक के रूप में मान्यता प्राप्त है.
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