Weather Update: दिल्ली में हवा एक बार फिर से ज़हर घोलने लगी है. बढ़ते प्रदूषण ने हालात इतने बिगाड़ दिए हैं कि राजधानी में सांस लेना तक चुनौती बन गया है. इसी खतरनाक स्थिति को देखते हुए दिल्ली सरकार ने एहतियाती कदम तेज़ कर दिए हैं. एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (CAQM) की गाइडलाइन के आधार पर ग्रैप-3 को सख्ती से लागू करते हुए प्राइवेट दफ्तरों के लिए नई एडवाइजरी जारी की गई है.
इसके तहत अब ऑफिसों को केवल 50% स्टाफ के साथ काम करने की अनुमति होगी, जबकि बाकी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा मिलेगी. सरकार का कहना है कि इससे सड़कों पर वाहनों की संख्या कम होगी और प्रदूषण को काबू करने में मदद मिलेगी.
शिकायतों के लिए ग्रीन दिल्ली ऐप पर जोर
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की खुली जगह पर कचरा या बायोमास न जलाएं. उन्होंने बताया कि ग्रैप-3 के दौरान हर प्रदूषण-नियंत्रण कदम की कड़ी निगरानी की जा रही है. नागरिक अगर कहीं धूल उड़ने या कचरा जलाने जैसी गतिविधि देखें, तो तुरंत ग्रीन दिल्ली ऐप पर शिकायत दर्ज करें ताकि त्वरित कार्रवाई हो सके.
प्रदूषण पर रियल-टाइम नजर
सिरसा ने कहा कि सरकार का फोकस साफ हवा और जनता की सुरक्षा पर है. प्रदूषण के स्तर पर लगातार रियल-टाइम निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर तुरंत फैसले लिए जा रहे हैं. खासकर बच्चों, बुजुर्गों और संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा को लेकर सरकार बेहद सतर्क है.
ट्रैफिक कम करने के लिए नई ऑफिस टाइमिंग
राजधानी में ट्रैफिक को कम रखने और प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार पहले ही MCD और GNCTD के दफ्तरों की टाइमिंग अलग-अलग कर चुकी है.MCD ऑफिस: सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक.दिल्ली सरकार के दफ्तर: सुबह 10:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक.यह व्यवस्था फरवरी 2025 तक जारी रहेगी ताकि पीक आवर्स में भीड़ कम रखी जा सके.
बड़े पैमाने पर प्रदूषण-नियंत्रण अभियान
सरकार के अनुसार, अभी एक व्यापक पॉल्यूशन कंट्रोल ड्राइव चल रहा है जिसमें आसपास के राज्यों के साथ भी समन्वय किया जा रहा है. सिरसा ने कहा कि दिल्ली ने ग्राउंड लेवल पर गंभीरता से काम शुरू किया है, जिससे क्षेत्रीय स्तर पर भी सुधार हो रहा है.
24×7 काम कर रही टीम, 1,200 से ज्यादा साइट्स पर कार्रवाई
दिल्ली सरकार और उसकी कई एजेंसियों के 2,000 से ज्यादा कर्मचारी चौबीसों घंटे मैदान में काम कर रहे हैं. अब तक 1,200 से ज्यादा निर्माण स्थलों और प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों की जांच की जा चुकी है.200 से अधिक साइट्स को नोटिस जारी.50 साइट्स को तुरंत बंद करने के आदेश.सरकार ने प्राइवेट ऑफिसेज से अनुरोध किया है कि वे नई एडवाइजरी को अपनी सभी शाखाओं और टीमों तक पहुंचाएं और इसका पालन सुनिश्चित करें.
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