दिवाली के बाद दिल्ली और एनसीआर की हवा फिर से जहरीली हो गई है. रोशनी के इस त्योहार के बाद राजधानी की फिजा में घुला धुआं अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ने लगा है. पटाखों की गूंज के साथ बढ़े वायु प्रदूषण ने शहर को एक बार फिर गैस चैंबर में तब्दील कर दिया है.
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलवार सुबह दिल्ली के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 'बहुत खराब' से 'गंभीर' श्रेणी में दर्ज किया गया. जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में AQI 317, चांदनी चौक में 326, रोहिणी में 372 और ओखला फेज 2 में 353 रहा. आनंद विहार, आईटीओ, लोधी रोड और आईजीआई एयरपोर्ट जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भी AQI 313 से 358 के बीच रिकॉर्ड किया गया.
रेड जोन में दर्जनों निगरानी केंद्र
दिल्ली के कुल 38 निगरानी केंद्रों में से 36 केंद्रों ने वायु गुणवत्ता को 'रेड जोन' में दिखाया, यानी हवा बेहद खराब या गंभीर स्तर तक पहुंच गई है. सोमवार रात 10 बजे तक दिल्ली का औसत AQI 344 था, लेकिन द्वारका (417), वज़ीरपुर (423), अशोक विहार (404) और आनंद विहार (404) जैसे क्षेत्रों में ये 400 से ऊपर पहुंच गया, जो 'गंभीर' स्थिति को दर्शाता है.
मास्क पहनने और सतर्कता की सलाह
CPCB ने दिल्लीवासियों को घर से बाहर निकलते समय N-95 मास्क पहनने की सलाह दी है, खासतौर पर बच्चों, बुज़ुर्गों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है. कई लोगों ने सुबह-सुबह आंखों में जलन और सांस लेने में दिक्कत की शिकायत भी की.
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन की अनदेखी
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली पर रात 8 से 10 बजे के बीच 'ग्रीन पटाखे' चलाने की अनुमति दी थी, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बहुत अलग रही. तय समय के बाद भी कई इलाकों में देर रात तक जमकर पटाखे फोड़े गए.
GRAP-2 प्रतिबंध लागू
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण से निपटने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा GRAP (Graded Response Action Plan) का दूसरा चरण लागू कर दिया गया है. इसके तहत निर्माण कार्य, औद्योगिक गतिविधियां और डीज़ल वाहनों पर कई पाबंदियां लगाई गई हैं.
दिवाली की चमक के पीछे छुपा दम
हालांकि सोमवार को लोगों ने पूरे उत्साह के साथ दिवाली मनाई. घरों में दीये जले, मिठाइयों का आदान-प्रदान हुआ, और मंदिरों में पूजा-पाठ का आयोजन भी किया गया. लेकिन जश्न के इस माहौल में बढ़ते प्रदूषण का खतरा भी सिर पर मंडराता रहा, जिसका असर अब राजधानी की हवा में साफ दिख रहा है.
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