दिल्ली-एनसीआर में नवंबर का दूसरा हफ्ता पूरी तरह सर्दी और प्रदूषण के संगम का गवाह बन गया है. बुधवार, 13 नवंबर की सुबह हल्की धुंध के साथ शुरू हुई, जिससे दृश्यता पर असर पड़ा और हवा में ठंडक घुल गई. मौसम विभाग के अनुसार, आज सुबह का तापमान 13 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा, जबकि दोपहर तक सूरज निकलने से पारा 25 से 26 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ सकता है. हालांकि, शाम ढलते ही फिर से ठंडी हवाएं लौटेंगी और रात का तापमान 18 से 20 डिग्री सेल्सियस तक गिरने का अनुमान है.
दिल्ली की हवा फिलहाल “सेवियर” यानी बेहद खतरनाक श्रेणी में बनी हुई है. वायु गुणवत्ता आयोग (CAQM) ने इस स्थिति को देखते हुए ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के तीसरे चरण को लागू कर दिया है. इसका मतलब है कि अब राजधानी में निर्माण कार्यों पर सख्ती, भारी वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी और फॉगिंग की निगरानी जैसे कदम उठाए जाएंगे.13 नवंबर को भी दिल्ली की हवा में सुधार की उम्मीद कम है. एक्यूआई का स्तर लगातार “गंभीर” श्रेणी में बना हुआ है, जिससे न सिर्फ बच्चों और बुजुर्गों बल्कि सामान्य स्वास्थ्य वाले लोगों के लिए भी सांस लेना मुश्किल हो गया है.
एनसीआर में भी ठंड और धुंध का असर
दिल्ली से सटे नोएडा में सुबह का तापमान करीब 14 से 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. यहां दिन में तापमान 20 से 21 डिग्री तक पहुंच सकता है. आसमान साफ रहेगा, लेकिन सुबह के वक्त हल्की धुंध दृश्यता घटा सकती है.वहीं, गुरुग्राम में आज का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस तक गिरने का अनुमान है. दिन में यह बढ़कर 28 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है. मौसम साफ रहेगा और धूप खिली रहेगी, जिससे दिन में हल्की गर्माहट महसूस होगी. हालांकि सुबह-सुबह हल्की धुंध के आसार हैं. सोनिपत में भी मौसम का मिजाज लगभग ऐसा ही रहेगा. यहां न्यूनतम तापमान 13 से 14 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस तक रहने की संभावना है. आसमान साफ रहेगा और हल्की ठंडक बनी रहेगी.
सांस लेने में मुश्किलें बढ़ीं, हवा में जहर का असर
दिल्ली की हवा लगातार दूसरे दिन गंभीर श्रेणी में बनी रही. विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति पूरी तरह से स्वस्थ व्यक्तियों के लिए भी गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर रही है. दिल्ली सफर स्मार्ट (DSS) के अनुसार, दिल्ली की हवा में पीएम 2.5 के स्तर को बढ़ाने में पराली जलाने का योगदान करीब 10.1 प्रतिशत तक है. वहीं, परिवहन से होने वाला उत्सर्जन बढ़कर 19.3 प्रतिशत तक पहुंच गया है. यानी सर्द हवाओं और धुंध के बीच प्रदूषण के कण शहर की सांसों में गहराई तक घुल गए हैं.
क्या आने वाले दिनों में मिलेगी राहत?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता में खास सुधार की उम्मीद नहीं है. हवा की रफ्तार धीमी रहने से प्रदूषक तत्वों का जमाव बना रहेगा. हालांकि, उत्तर भारत में उत्तर-पश्चिमी हवाओं के सक्रिय होने के बाद हल्की ठंड और बढ़ सकती है, जिससे धुंध और प्रदूषण का असर और गहराएगा.
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