दिल्ली के सफदरजंग में जज ने किया सुसाइड, फांसी के फंदे से लटका मिला शव, इलाके में मचा हड़कंप

Delhi Judge Suicide: राजधानी दिल्ली के ग्रीन पार्क से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. एक युवा जज द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

DELHI Judge aman kumar Commits Suicide in Safdarjung
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Delhi Judge Suicide: राजधानी दिल्ली के ग्रीन पार्क से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. एक युवा जज द्वारा आत्महत्या किए जाने की सूचना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह मामला व्यक्तिगत कारणों से जुड़ा हो सकता है, लेकिन अभी तक इसकी स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है.

घटना का पूरा विवरण

यह घटना दक्षिणी दिल्ली के ग्रीन पार्क मेन इलाके की है, जहां रहने वाले 30 वर्षीय अमन कुमार शर्मा ने अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. सफदरजंग एन्क्लेव थाना पुलिस को इस घटना की सूचना डीडी नंबर 34 के तहत एक पीसीआर कॉल के जरिए मिली थी. सूचना मिलते ही पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की.

मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने पाया कि अमन कुमार शर्मा अपने आवास के प्रथम तल पर मृत अवस्था में मिले. प्रारंभिक जांच में किसी तरह के संघर्ष या बाहरी हस्तक्षेप के संकेत नहीं मिले हैं, जिससे यह मामला प्रथम दृष्टया आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है.

परिवार की सूचना पर पहुंची पुलिस

घटना की जानकारी मृतक के जीजा शिवम द्वारा पुलिस को दी गई थी, जो डिफेंस कॉलोनी के निवासी हैं. उनके द्वारा दी गई सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की. परिजनों के अनुसार, अमन के व्यवहार में हाल के दिनों में कोई बड़ा बदलाव नजर नहीं आया था, हालांकि पुलिस इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही है.

पोस्टमार्टम और जांच की प्रक्रिया

पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौत के सही कारणों की पुष्टि की जा सके. इसके साथ ही पुलिस मृतक के परिवार, दोस्तों और सहकर्मियों से पूछताछ कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की सच्चाई सामने आ सके.

न्यायिक सेवा में करियर

अमन कुमार शर्मा ने 19 जून 2021 को दिल्ली न्यायिक सेवा में कदम रखा था. उन्होंने वर्ष 2018 में पुणे स्थित सिम्बायोसिस लॉ स्कूल से कानून की पढ़ाई पूरी की थी. अपने छोटे से करियर में उन्होंने कई अहम मामलों की सुनवाई की और एक जिम्मेदार न्यायिक अधिकारी के रूप में अपनी पहचान बनाई.

अक्टूबर 2025 से वह कड़कड़डूमा कोर्ट में उत्तर-पूर्व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) में पूर्णकालिक सचिव के पद पर कार्यरत थे. इस भूमिका में उनका काम जरूरतमंदों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराना और न्यायिक प्रक्रियाओं को सुचारू रूप से संचालित करना था.

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