नई दिल्ली: वित्त वर्ष 2026-27 के लिए दिल्ली सरकार ने अपने हालिया बजट में राजधानी को और अधिक हरा-भरा बनाने के लिए बड़े पैमाने पर पर्यावरणीय योजनाओं का एलान किया है. इनमें एक प्रमुख घोषणा नगर वन विकसित करने और 35 लाख से अधिक स्वदेशी पौधे रोपने की थी. यह योजना दिल्ली की बढ़ती आबादी और प्रदूषण से निपटने के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है, लेकिन इसके लिए कई चुनौतियाँ भी सामने आ रही हैं.
नगर वन विकसित करने की चुनौती
दिल्ली के वन विभाग ने पिछले कुछ सालों में पौधारोपण के लिए जमीन की कमी की शिकायत की है, और इस वजह से तय लक्ष्य को भी मुश्किल से पूरा किया गया है. राजधानी में नई जमीन मिलने में अड़चने आ रही हैं, खासकर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) से. ऐसे में नगर वन को विकसित करना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है, लेकिन सरकार ने इस उद्देश्य को हासिल करने के लिए एक मेगा प्लान तैयार किया है.
नगर वन और मियावाकी तकनीक
दिल्ली सरकार के मेगा प्लान के तहत शहर में 15 नगर वन और दो मियावाकी फॉरेस्ट विकसित किए जाएंगे. नगर वन के तहत ऐसे घने वन क्षेत्र होंगे जहां लोग ताजगी और शुद्ध हवा के लिए आ सकेंगे. इन्हें 'अर्बन लंग्स' (शहर के फेफड़े) के रूप में देखा जा रहा है. वहीं, मियावाकी तकनीक एक जापानी तरीका है, जिससे बेहद कम जगह में भी घना जंगल उगाया जा सकता है. मियावाकी जंगल साधारण जंगलों से 10 गुना तेजी से बढ़ते हैं और 30 गुना ज्यादा घने होते हैं, जो राजधानी में हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली जैसे बड़े शहर में जहां जमीन की कमी है, मियावाकी तकनीक का इस्तेमाल अत्यधिक फायदेमंद हो सकता है. यह कदम न केवल शहर को सुंदर बनाएगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वस्थ वातावरण भी तैयार करेगा.
35 लाख से अधिक स्वदेशी पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य
दिल्ली सरकार ने अपने चार साल के पर्यावरणीय लक्ष्य में 35 लाख से अधिक स्वदेशी पौधे लगाने का तय किया है, जिसमें प्रमुख रूप से पीपल, आम, नीम और बरगद जैसे देशी पौधे शामिल हैं. इसके अलावा, 2026-27 में 70.82 लाख पौधे लगाने का भी लक्ष्य रखा गया है. वन विभाग ने इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं, जिसमें पुराने पेड़ों की छंटाई और नए पौधों की रोपाई की प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
पिछले साल का प्रदर्शन
2025-26 के लिए 75 लाख पौधों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें से अब तक 67.98 लाख पौधों का लक्ष्य पूरा किया जा चुका है. इसके तहत लगभग 4.81 लाख पेड़, 41.82 लाख झाड़ियां और 2.03 लाख बांस के पौधे लगाए गए हैं. ट्री अथॉरिटी के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल के पौधारोपण कार्यक्रम में सफलता मिली, लेकिन इस साल के लक्ष्य को और भी बेहतर तरीके से पूरा करने की उम्मीद जताई जा रही है.
ये भी पढ़ें: Weather: दिल्ली-NCR में बदला मौसम का मिजाज, तेज हवाओं के साथ बारिश के आसार, IMD ने दी चेतावनी