Rekha Gupta on WFH : दिल्ली सरकार ने राजधानी में ट्रैफिक दबाव कम करने, ईंधन की बचत बढ़ाने और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार, 14 मई को घोषणा करते हुए कहा कि अब दिल्ली के सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जाएगी. यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील के बाद लिया गया है जिसमें उन्होंने संसाधनों के बेहतर उपयोग और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने पर जोर दिया था.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राजधानी के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है, जिसके तहत सरकारी कामकाज को डिजिटल और अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं. उनका कहना था कि वर्क फ्रॉम होम मॉडल से न केवल ट्रैफिक का दबाव घटेगा, बल्कि ईंधन की खपत में भी कमी आएगी और लोगों को यात्रा में लगने वाले समय से राहत मिलेगी.
निजी दफ्तरों के लिए भी जारी होगी एडवाइजरी
सरकार ने केवल सरकारी कार्यालयों तक ही यह व्यवस्था सीमित नहीं रखी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी कंपनियों और कॉर्पोरेट सेक्टर से भी अपील की जाएगी कि जहां संभव हो, वहां कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन घर से काम करने की सुविधा दी जाए.
उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन कार्यालयों में काम ऑनलाइन या डिजिटल माध्यम से किया जा सकता है, वहां वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दिया जाएगा. इसके लिए दिल्ली सरकार निजी क्षेत्र को एडवाइजरी जारी करेगी और लेबर विभाग इसकी निगरानी करेगा कि निर्देशों का पालन किस हद तक हो रहा है.
अधिकारियों और मंत्रियों के काफिलों में कटौती
दिल्ली सरकार ने सरकारी खर्च और ईंधन की खपत कम करने के लिए अन्य कई बड़े फैसले भी लिए हैं. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के काफिलों में वाहनों की संख्या कम की जाएगी.
इसके अलावा अधिकारियों को हर महीने दिए जाने वाले पेट्रोल और डीजल कोटे में भी 20 प्रतिशत तक कटौती की जाएगी. जिन अधिकारियों को 200 से 250 लीटर तक ईंधन मिलता था, अब उसमें कमी की जाएगी. सरकार का मानना है कि इससे ईंधन की बचत होगी और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा.
‘नो व्हीकल डे’ मनाने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि दिल्ली सरकार एक दिन “नो व्हीकल डे” के रूप में मनाने की योजना बना रही है. इस पहल का उद्देश्य लोगों को निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रेरित करना है.
सरकार का मानना है कि अगर अधिक लोग मेट्रो, बस और अन्य सार्वजनिक साधनों का इस्तेमाल करेंगे तो राजधानी में ट्रैफिक जाम और प्रदूषण दोनों को कम किया जा सकेगा.
पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने वालों को मिलेगा फायदा
दिल्ली सरकार ने सरकारी अधिकारियों को सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रोत्साहन देने का भी फैसला लिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन अधिकारियों को वाहन भत्ता मिलता है और वे निजी वाहन की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करेंगे, उन्हें 10 प्रतिशत अतिरिक्त इंक्रीमेंट दिया जाएगा.
इसके साथ ही बसों के रूट को नए तरीके से व्यवस्थित करने की योजना बनाई जा रही है ताकि अधिक से अधिक लोग सार्वजनिक परिवहन का लाभ उठा सकें. सरकार आने वाले दिनों में ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को और बेहतर बनाने पर भी काम करेगी.
आधी सरकारी मीटिंग होंगी ऑनलाइन
सरकार प्रशासनिक बैठकों को भी डिजिटल मोड में शिफ्ट करने की तैयारी कर रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कोशिश होगी कि कम से कम 50 प्रतिशत सरकारी मीटिंग वर्चुअल माध्यम से आयोजित की जाएं. इससे अधिकारियों की अनावश्यक यात्रा कम होगी और कामकाज अधिक तेजी से हो सकेगा.
सरकार ने अदालतों से भी अनुरोध किया है कि जहां संभव हो, वहां सुनवाई को वर्चुअल मोड में आयोजित किया जाए ताकि लोगों की आवाजाही कम हो सके.
सोमवार को मेट्रो इस्तेमाल करने की अपील
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों से अपील की कि वे सोमवार के दिन अधिक से अधिक मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें. उनका कहना था कि इससे राजधानी में ट्रैफिक का दबाव कम करने में मदद मिलेगी.
अगले तीन महीने बड़े आयोजनों पर रोक
सरकार ने यह भी संकेत दिया है कि अगले तीन महीनों तक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रमों और इवेंट्स को सीमित रखा जाएगा. इसका उद्देश्य शहर में भीड़भाड़ को कम करना और ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित रखना है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली आने वाले पर्यटकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए एक विशेष ट्रैवल प्लान तैयार किया जाएगा. सरकार पर्यटन और परिवहन दोनों क्षेत्रों में समन्वय बनाकर काम करेगी ताकि राजधानी की व्यवस्था प्रभावित न हो.
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