Delhi Pollution: हर साल की तरह इस साल भी दीवाली के बाद दिल्ली की हवा फिर जहरीली हो गई. रोशनी और पटाखों के शोर के बीच लोगों ने त्योहार तो मनाया, लेकिन इसका खामियाजा राजधानी की आबोहवा को भुगतना पड़ा. अंतरराष्ट्रीय संस्था IQAir के अनुसार, दीवाली के ठीक बाद दिल्ली की एयर क्वालिटी दुनिया में सबसे खराब दर्ज की गई.
WHO के मानकों से 59 गुना ज्यादा
IQAir के मुताबिक, नई दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 442 तक पहुंच गया. यह आंकड़ा वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) द्वारा निर्धारित सुरक्षित स्तर से 59 गुना ज्यादा है. विशेष रूप से PM2.5 कणों की मात्रा बहुत ज्यादा पाई गई. ये सूक्ष्म कण (2.5 माइक्रोमीटर या उससे छोटे) फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं और दिल, फेफड़ों व सांस संबंधी बीमारियों का खतरा कई गुना बढ़ा देते हैं.
कोर्ट के दिशा-निर्देशों के बावजूद चले परंपरागत पटाखे
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस बार सिर्फ ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की इजाजत दी थी और एक निर्धारित समय सीमा में ही इन्हें फोड़ने को कहा गया था. बावजूद इसके कई मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस नियम का उल्लंघन हुआ और निर्धारित समय के बाद भी परंपरागत पटाखे जलाए गए. इसका सीधा असर दिल्ली की हवा पर पड़ा, जो पहले से ही मौसम के चलते कमजोर स्थिति में थी.
आने वाले दिनों में भी नहीं मिलेगी राहत
सिर्फ IQAir ही नहीं, बल्कि भारत सरकार की संस्था केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने भी दिल्ली की हवा को ‘बहुत खराब’ श्रेणी में रखा है. उनका कहना है कि AQI 350 तक दर्ज किया गया है. CPCB के मानकों के अनुसार, 0-50 AQI को अच्छा माना जाता है. इसके अलावा अर्थ साइंसेज मिनिस्ट्री के अनुमान के अनुसार, अगले कुछ दिनों में भी दिल्ली की हवा में कोई खास सुधार नहीं होने वाला है. AQI के 201 से 400 के बीच रहने की संभावना जताई गई है, जिससे राजधानी के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं झेलनी पड़ सकती हैं.
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