दिल्ली-नोएडा और गाजियाबाद में प्रदूषण से घुट गया दम! कई जगह AQI 400 पार

दिल्ली की हवा इन दिनों जहरीली हो चुकी है. हर सुबह जैसे एक नए धुएं का पर्दा शहर पर चढ़ जाता है. चाहे सड़कें हों, पार्क हों या ऊंची इमारतें—हर जगह प्रदूषण का असर साफ नजर आता है.

Delhi Air Quality Index crosses 400 winter in delhi update
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दिल्ली की हवा इन दिनों जहरीली हो चुकी है. हर सुबह जैसे एक नए धुएं का पर्दा शहर पर चढ़ जाता है. चाहे सड़कें हों, पार्क हों या ऊंची इमारतें—हर जगह प्रदूषण का असर साफ नजर आता है. राजधानी में बढ़ता स्मॉग न केवल आसमान को धुंधला बना रहा है, बल्कि लोगों की सेहत पर भी गहरा असर डाल रहा है. सरकार की तमाम कोशिशों के बावजूद हालात सुधरने के बजाय और बिगड़ते जा रहे हैं.


गुरुवार सुबह दिल्ली का ओवरऑल एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 347 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में आता है. वहीं विवेक विहार और आनंद विहार जैसे इलाकों में हालात और भी खतरनाक हैं—यहां क्रमशः AQI 412 और 404 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ स्तर में गिना जाता है.दिल्ली के करीब 32 इलाके ऐसे हैं जहां AQI 300 से 400 के बीच बना हुआ है. यह स्थिति बताती है कि राजधानी की हवा सांस लेने लायक नहीं रह गई है.

लोगों की सेहत पर असर, बढ़ रही हैं बीमारियां

बढ़ते प्रदूषण का सीधा असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर दिखने लगा है. अस्पतालों में गले में खराश, सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि यह हवा न सिर्फ अस्थमा और ब्रॉन्काइटिस के मरीजों के लिए खतरनाक है, बल्कि स्वस्थ लोगों के लिए भी धीरे-धीरे नुकसानदायक साबित हो रही है. लोगों ने अब एहतियात के तौर पर मास्क पहनना, सुबह की वॉक बंद करना और घर से कम निकलना शुरू कर दिया है.

किन इलाकों में सबसे ज्यादा प्रदूषण

दिल्ली के कई हिस्सों में प्रदूषण के स्तर ने सारी सीमाएं पार कर दी हैं. विवेक विहार (412) और आनंद विहार (404) सबसे प्रदूषित इलाकों में शामिल हैं. इनके अलावा:

  • अशोक विहार – AQI 381
  • बवाना – AQI 382
  • जहांगीरपुरी – AQI 383
  • अलीपुर – AQI 363
  • आईटीओ – AQI 359
  • आईजीआई एयरपोर्ट – AQI 305
  • द्वारका सेक्टर-8 – AQI 360
  • नजफगढ़ – AQI 333
  • लोधी रोड – AQI 316 इन सब इलाकों में हवा का स्तर ‘बहुत खराब’ कैटेगरी में है, यानी ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और हृदय या श्वसन संबंधी रोगियों को बाहर निकलने से बचना चाहिए.

सरकार के प्रयास और जनता की चिंता

दिल्ली सरकार ने स्मॉग टावर, वाटर स्प्रिंकलर और ग्रैप (GRAP) जैसे उपायों की शुरुआत की है, लेकिन जमीनी हकीकत अब भी चिंता बढ़ा रही है. वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण स्थलों की धूल और पराली जलाने की घटनाएं हवा को लगातार खराब कर रही हैं. एनवायरनमेंट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक सख्त मॉनिटरिंग और क्षेत्रीय सहयोग नहीं होगा, दिल्ली हर साल इसी जहरीली हवा का सामना करती रहेगी.

मौसम ने भी बढ़ाई परेशानी

प्रदूषण के साथ अब सर्दी की दस्तक ने हालात और कठिन बना दिए हैं. सुबह के समय वातावरण में हल्का कोहरा और धुंध छाई रहती है, जिससे हवा की गति धीमी पड़ जाती है और प्रदूषण नीचे ही ठहर जाता है. आज दिल्ली में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है, जिससे हवा की सफाई की उम्मीद भी कम है.

NCR में भी बिगड़े हालात

दिल्ली ही नहीं, बल्कि नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम जैसे NCR के शहरों में भी हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है. सुबह और शाम के वक्त सड़कें धुंध की परत से ढकी रहती हैं, जिससे दृश्यता घटती है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है.

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