Delhi Air Quality: दिल्ली में मानसून की जोरदार दस्तक ने इस बार सिर्फ मौसम ही नहीं बदला, बल्कि राजधानी की हवा की तस्वीर भी पूरी तरह बदल दी. लंबे समय से प्रदूषण और खराब वायु गुणवत्ता से जूझ रही दिल्ली ने आखिरकार राहत की सांस ली है. लगातार हुई बारिश ने वातावरण में जमा धूल और प्रदूषक कणों को काफी हद तक साफ कर दिया, जिसके चलते एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) इस साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया. यही वजह है कि करीब तीन साल बाद दिल्ली की हवा एक बार फिर ‘गुड’ श्रेणी में दर्ज की गई है. यह बदलाव न केवल पर्यावरण के लिहाज से अहम है, बल्कि लाखों लोगों की सेहत के लिए भी बड़ी राहत लेकर आया है.
2026 में पहली बार ‘गुड’ श्रेणी में पहुंची दिल्ली की हवा
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के अनुसार गुरुवार शाम चार बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स 48 दर्ज किया गया. यह वर्ष 2026 का सबसे कम AQI है और इसी के साथ पहली बार इस साल राजधानी की हवा ‘गुड’ श्रेणी में पहुंची. आमतौर पर दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘मॉडरेट’, ‘पुअर’ या उससे भी खराब श्रेणियों में बनी रहती है, लेकिन मानसून की बारिश ने इस स्थिति को पूरी तरह बदल दिया.
करीब तीन साल बाद बना यह खास रिकॉर्ड
दिल्ली में आखिरी बार 10 सितंबर 2023 को ‘गुड’ श्रेणी की हवा दर्ज की गई थी. उस दिन दैनिक औसत AQI 45 रिकॉर्ड किया गया था. इसके बाद लगातार बढ़ते प्रदूषण और मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण राजधानी इस श्रेणी तक नहीं पहुंच सकी. अब लगभग तीन साल बाद फिर से AQI 50 से नीचे पहुंचना पर्यावरण विशेषज्ञों के लिए भी सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.
मानसून की बारिश ने तोड़ा इस साल का रिकॉर्ड
इससे पहले वर्ष 2026 में सबसे बेहतर AQI 12 जून को 73 दर्ज किया गया था. हालांकि मानसून की तेज बारिश के बाद प्रदूषण के स्तर में तेजी से गिरावट आई और AQI सीधे 48 तक पहुंच गया. इस तरह जून का रिकॉर्ड भी टूट गया और साल का सबसे स्वच्छ दिन दर्ज हो गया. विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश, तेज हवाओं और वातावरण में बढ़ी नमी ने हवा में मौजूद प्रदूषक कणों को साफ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
तापमान में भी आई बड़ी गिरावट
बारिश का असर केवल वायु गुणवत्ता तक सीमित नहीं रहा. राजधानी के तापमान में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई. गुरुवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 30.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से काफी कम रहा. इससे लोगों को कई दिनों से जारी गर्मी और उमस से राहत मिली.
दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में भी तापमान में अंतर देखने को मिला. अयानगर सबसे ठंडा क्षेत्र रहा, जहां अधिकतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं रिज इलाके में अधिकतम तापमान 29.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो राजधानी के अन्य हिस्सों की तुलना में कम रहा.
कैसे साफ हुई दिल्ली की हवा?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक बारिश के दौरान हवा में मौजूद धूल, धुआं और प्रदूषण फैलाने वाले महीन कण जैसे PM2.5 और PM10 पानी के साथ जमीन पर आ जाते हैं. इसके अलावा वाहनों और औद्योगिक गतिविधियों से निकलने वाले प्रदूषक तत्व भी वातावरण में कम हो जाते हैं. यही वजह है कि बारिश के बाद AQI में तेजी से सुधार देखने को मिलता है. इस बार भी लगातार हुई बारिश ने यही असर दिखाया और राजधानी की हवा पहले की तुलना में काफी अधिक स्वच्छ हो गई.
लोगों को मिली राहत की सांस
दिल्ली के निवासियों के लिए मानसून इस बार दोहरी खुशियां लेकर आया है. एक ओर झुलसा देने वाली गर्मी और उमस से राहत मिली, तो दूसरी ओर साफ और ताजी हवा ने लोगों को बेहतर वातावरण में सांस लेने का अवसर दिया. खासकर बुजुर्गों, बच्चों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए यह बदलाव काफी राहतभरा माना जा रहा है.
अगले कुछ दिनों तक मौसम रहेगा सुहावना
मौसम विभाग का अनुमान है कि राजधानी में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय बना रहेगा. बीच-बीच में बारिश होने की संभावना है, जिससे तापमान सामान्य से नीचे बना रह सकता है. यदि बारिश का यह सिलसिला जारी रहता है तो वायु गुणवत्ता भी फिलहाल बेहतर बनी रह सकती है. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश थमने के बाद प्रदूषण को नियंत्रित रखने के लिए दीर्घकालिक उपायों पर लगातार काम करना जरूरी होगा, ताकि दिल्ली की हवा केवल कुछ दिनों के लिए नहीं बल्कि लंबे समय तक साफ रह सके.
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