India-Australia Deals: भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अपने रिश्तों को और मजबूत बनाने के लिए कई अहम समझौतों पर सहमति जताई है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ की बैठक के बाद दोनों देशों ने सिविल न्यूक्लियर एनर्जी, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज (क्रिटिकल मिनरल्स) और सप्लाई चेन जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का फैसला किया.
प्रधानमंत्री मोदी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हैं. तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण में वह इंडोनेशिया से ऑस्ट्रेलिया पहुंचे, जहां दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई.
व्यापार, रक्षा और ऊर्जा पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान दोनों देशों ने व्यापार, निवेश, रक्षा, ऊर्जा और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की. इसके बाद रक्षा और सुरक्षा पर संयुक्त घोषणा जारी की गई. साथ ही ऊर्जा सहयोग, साइबर सुरक्षा, नई तकनीक और सप्लाई चेन को मजबूत बनाने के लिए भी साझा रोडमैप जारी किया गया.
The outcomes during this visit reflect the confidence with which India and Australia are looking towards the future. Together, we will continue to unlock new opportunities for growth, innovation and shared prosperity. https://t.co/tGAflRA4W7
— Narendra Modi (@narendramodi) July 9, 2026
भारत को यूरेनियम आपूर्ति होगी आसान
सिविल न्यूक्लियर एनर्जी समझौते के तहत ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की व्यावसायिक आपूर्ति का रास्ता और आसान होगा. इससे भारत की परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं को गति मिलेगी और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समझौता भारत के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा.
क्रिटिकल मिनरल्स पर बढ़ेगा सहयोग
दोनों देशों ने महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में भी साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि क्रिटिकल मिनरल्स भविष्य की तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा के लिए बेहद जरूरी हैं. इसी को ध्यान में रखते हुए भारत और ऑस्ट्रेलिया मिलकर क्रिटिकल मिनरल्स कॉरिडोर विकसित करेंगे. इसके साथ ही साइबर सुरक्षा, नई तकनीक और सप्लाई चेन पर भी सहयोग बढ़ाया जाएगा.
रक्षा क्षेत्र में नई पहल
रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने के लिए भारत-ऑस्ट्रेलिया डिफेंस इनोवेशन कॉरिडोर शुरू किया जाएगा. इसके जरिए दोनों देशों के रक्षा स्टार्टअप और रक्षा उद्योग एक साथ काम करेंगे. इससे नई तकनीक विकसित करने और रक्षा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा.
समुद्री सुरक्षा पर रहेगा खास फोकस
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने समुद्री सुरक्षा सहयोग को भी मजबूत करने का फैसला किया है. दोनों देश जहाज निर्माण, जहाजों की मरम्मत और रखरखाव जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे. इसके अलावा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और सुरक्षित आवाजाही को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी.
आतंकवाद के खिलाफ साथ मिलकर करेंगे काम
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद पूरी दुनिया के लिए बड़ी चुनौती है. भारत और ऑस्ट्रेलिया इस खतरे से मिलकर मुकाबला करेंगे और इस क्षेत्र में अपना सहयोग लगातार बढ़ाएंगे.
बातचीत से ही निकलेगा वैश्विक तनाव का समाधान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे तनाव और संघर्ष का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति के जरिए ही संभव है. दोनों देशों ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और नियम आधारित व्यवस्था को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.
आर्थिक रिश्तों को भी मिलेगी नई रफ्तार
बैठक में दोनों देशों ने व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (CECA) को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई. साथ ही द्विपक्षीय निवेश संधि को जल्द अंतिम रूप देने की दिशा में भी मिलकर काम करने का फैसला किया गया. इससे आने वाले समय में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापार और निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद है.
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