Petrol-Diesel Price: वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल के बावजूद भारत के कई हिस्सों में पेट्रोल और डीजल के दामों में राहत देखने को मिल रही है. ईरान और इजराइल के बीच जारी तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में साफ दिखाई दे रहा है, जहां क्रूड ऑयल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं. इसके बावजूद घरेलू बाजार में तेल की कीमतों में गिरावट ने आम लोगों को कुछ राहत दी है.
सरकारी तेल कंपनियों द्वारा शुक्रवार सुबह जारी ताजा रेट के अनुसार, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई शहरों में पेट्रोल और डीजल सस्ता हुआ है. हालांकि देश के चारों प्रमुख महानगरों नई दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं.
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल का हाल
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में पिछले 24 घंटे में तेज उछाल दर्ज किया गया है. ब्रेंट क्रूड का भाव करीब 8 डॉलर बढ़कर लगभग 109 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है. वहीं, डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड ने और भी तेजी दिखाई है और करीब 11 डॉलर की बढ़त के साथ 111.45 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है.
दिलचस्प बात यह है कि आमतौर पर ब्रेंट क्रूड की कीमत डब्ल्यूटीआई से अधिक होती है, लेकिन इस बार मांग बढ़ने के कारण डब्ल्यूटीआई ने ब्रेंट को भी पीछे छोड़ दिया है.
यूपी में तेल के दाम में राहत
नोएडा और गाजियाबाद जैसे शहरों में पेट्रोल-डीजल के दामों में गिरावट दर्ज की गई है.
बिहार में भी मिली राहत
पटना में भी तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है.
इस गिरावट से आम उपभोक्ताओं को कुछ राहत जरूर मिली है, खासकर ऐसे समय में जब वैश्विक बाजार में कीमतें लगातार बढ़ रही हैं.
चारों महानगरों में स्थिर रहे दाम
देश के प्रमुख महानगरों में फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है:
घरेलू बाजार में क्यों नहीं दिख रहा असर?
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद भारत में खुदरा कीमतों में गिरावट यह दर्शाती है कि घरेलू मूल्य निर्धारण कई अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है. टैक्स स्ट्रक्चर, अंतरराष्ट्रीय अनुबंध, और सरकारी नीतियां इसमें अहम भूमिका निभाती हैं.
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